एंटी-पेपर लीक कानून में बदलाव को राष्ट्रपति की मंजूरी
August 01, 2026
पेपर लीक रोधी कानून में संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पेपर लीक कानून में अब सजा का प्रावधान और भी कठोर हो गया है। नए प्रावधान के अनुसार पेपर लीक के मामलों में फैसला तीन महीने के अंदर आएगा। वहीं, दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक रोधी संशोधन विधेयक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा था कि यह विधेयक पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की एक कोशिश है। यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाएगा।
संशोधन विधेयक काफी हंगामे के बाद लोकसभा से पास हुआ था। इस बिल के पास होने के बाद शिक्षा मंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा था, ''लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है, जिससे परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों से निपटने के लिए एक सख्त कानूनी ढांचा तैयार होगा। सख्त सजा, त्वरित अदालत, जांच के बेहतर तौर-तरीके और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान वाले इस विधेयक का उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक के पूरे नेटवर्क को खत्म करना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता को बढ़ाना है।''
