मैं अभी ज्यादा काम नहीं कर सकता, हमें नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए-नितिन गडकरी
August 25, 2026
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों से वो सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं, लेकिन अब ज्यादा काम नहीं कर सकते हैं और नई पीढ़ी को मौका दिया जाना चाहिए.
नितिन गडकरी का ये बयान खूब चर्चा में है. कई रिपोर्ट्स में तो राजनीति से अलग होने की बात भी कही गई. इस बीच नितिन गडकरी के ऑफिस ने सफाई दी है. उन्होंने कहा, ''नितिन गडकरी के बयान का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था. वे खास तौर पर लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे थे, जो उनके द्वारा स्थापित एक संस्था है और आदिवासी इलाकों में स्कूल चलाती है. इसी संदर्भ में गडकरी ने कहा कि वे अब पहले जितना काम नहीं कर सकते और युवा पीढ़ी को ज्यादा जिम्मेदारी लेने का मौका दिया जाना चाहिए. ''
उन्होंने आगे कहा, ''उनकी बातें साफ तौर पर ट्रस्ट के कामकाज और भविष्य के नेतृत्व से जुड़ी थीं. हालांकि, कुछ टेलीविजन चैनल इस बयान को उसके असली संदर्भ से हटाकर एक राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर पेश कर रहे हैं.''
नितिन गडकरी नागपुर जिले के कटोल में पारडसिंगा में आयोजित एकलव्य एकल विद्यालय टीचर-सुपरवाइजर ट्रेनिंग क्लास के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए काम करते समय वह समोसे खाकर सो जाते थे, कोई डिसिप्लिन नहीं था..
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि कोरोना काल के बाद उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल बदल ली है और हर दिन योग कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ''आप जिंदगी का मजा तभी ले सकते हैं जब आपकी सेहत अच्छी हो. अगर आपकी सेहत अच्छी नहीं है, तो ताकत और दौलत किसी काम की नहीं है.''
नितिन गडकरी ने इसके तुरंत बाद विकास कार्यों की बात करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा आगे वाले समय में विकास का दायरा और बढ़ने वाला है. उनका लक्ष्य है कि महाराष्ट्र का कोई आदिवासी गांव बिजली से वंचित न रहे. साथ ही, राज्य में विकास साफ दिखाई दे.
बता दें पिछले हफ्ते ही पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम बनी है. खास बात ये है कि इस 65 सदस्यों की टीम में 51 नए चेहरे हैं. इस टीम को पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत की तरह देखा जा रहा है.
