दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना, मंगलवार तक बरसेंगे बादल
August 23, 2026
दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर एक बार फिर बादलों ने डेरा जमा लिया है। रविवार सुबह एक बार फिर बारिश ने दस्तक दी। झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में रविवार को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और सुबह से दोपहर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।
वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार और मंगलवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। दोनों दिनों दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि 26 से 28 अगस्त के बीच राजधानी क्षेत्र में बारिश नहीं होने का अनुमान जताया गया है और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
वहीं मौसम विभाग ने आज 19 राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश के कई शहरो में भी भारी बारिश का अलर्ट है। पहाड़ी राज्यों में भी आंधी तूफान के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। शनिवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई थी, हालांकि दिनभर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।
सफदरजंग में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा। हल्की बारिश के बाद दिल्ली की वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला और शनिवार को AQI 117 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है।
बता दें कि दिल्ली ने अगस्त महीने में होने वाली अपनी औसत बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी ने महीने के शुरुआती 21 दिनों में ही 235.3 मिलीमीटर (एमएम) बारिश दर्ज की है। वहीं इस सप्ताहांत के दौरान और अधिक बारिश होने की संभावना भी जताई गई थी। आईएमडी ने शुरुआत में रिपोर्ट दी थी कि दिल्ली ने महीने की शुरुआत में ही अगस्त की अपनी औसत बारिश (233. 1 मिलीमीटर) के आंकड़े को पार कर लिया है। हालांकि, बाद में आंकड़ों की प्रविष्टि में हुई एक गलती के कारण एक निश्चित तारीख के आंकड़ों में संशोधन किया गया, जिसके बाद पाया गया कि दिल्ली उस समय औसत मासिक स्तर से नीचे थी।
