सुप्रीम कोर्ट से सरकारी कर्मचारियों को राहत, रहेंगे लेबर एक्ट के दायरे में
August 20, 2026
देश भर के सरकारी विभागों के कर्मचारियों, स्कूल-हॉस्पिटल कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है. सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिल गई है. वो लेबर एक्ट के दायरे में बने रहेंगे. 9 में से 6 जजों ने माना है कि यह मामला 9 सुनवाई के योग्य था.
उद्योग की पहचान के लिए 1978 के फैसले में दिया गया ट्रिपल टेस्ट समय की कसौटी पर खरा उतरा है. फिर भी उसके कुछ हिस्सों को और स्पष्ट करने की जरूरत है. विस्तृत फैसले में ट्रिपल टेस्ट को नए तरीके को समझाया जा रहा है
कोर्ट ने कहा जिन मामलों में अंतिम फैसला आ चुका है, वह दोबारा नहीं खुलेंगे. जो मामले अभी Industrial Disputes Act के तहत अदालत, ट्रिब्यूनल या Labour Authority में लंबित हैं. वह भी 1978 वाले फैसले के आधार पर तय किए जा सकते हैं. 1978 में सुप्रीम कोर्ट ने उद्योग की ऐसी व्यापक परिभाषा तय की थी जिसके दायरे में स्कूल, अस्पताल और सरकारी विभागों सहित लगभग हर उस जगह को 'उद्योग' मान लिया गया था, जहां मालिक और कर्मचारी का संबंध हो.
इस फैसले की वजह से सरकारी विभागों, स्कूल, हॉस्पिटल समेत कई ऐसी जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों पर श्रम कानून लागू होते हैं जहां वास्तव में कोई उत्पादन नहीं होता. कई राज्य सरकारों और विभागों ने सुप्रीम कोर्ट से इस फैसले में बदलाव की मांग की थी.
