बजट में नहीं आ रहा पुखराज तो न हों हताश! ये सस्ते रत्न भी दिलाएंगे गुरु ग्रह के पूरे-पूरे फल
August 16, 2026
ज्योतिष मान्यता है कि कुंडली में किसी ग्रह के कमजोर होने पर उससे जुड़े रत्न पहनने से ग्रह के शुभ प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है। गुरु ग्रह ज्ञान, भाग्य, धन, सम्मान और समृद्धि का कारक है। जब यह कमजोर हो तो आर्थिक परेशानियां, काम में रुकावट और सफलता में देरी होती है। ऐसे में पुखराज पहनना शुभ माना जाता है,लेकिन यह महंगा रत्न है। अगर पुखराज आपके बजट में नहीं है, तो ज्योतिष में इसके कुछ और विकल्प भी बताए गए हैं, जो बजट फ्रेंडली होते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति सबसे शुभ ग्रहों में गिने जाते हैं। इन्हें धन, ज्ञान, भाग्य, विवाह और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है। गुरु के कमजोर होने पर आर्थिक स्थिति प्रभावित होने और मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता न मिलने की मान्यता है। अगर किसी व्यक्ति के लिए पुखराज पहनना संभव नहीं हो तो वह इसके कुछ किफायती विकल्प भी धारण कर सकता है।
बृहस्पति को मजबूत करने के लिए पीला पुखराज सबसे बेहतर विकल्प है। लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाला पुखराज काफी महंगा हो सकता है। ऐसे में हर व्यक्ति के लिए इसे खरीदना संभव नहीं। इसी वजह से इसके कुछ उपरत्नों का विकल्प बताया जाता है।
सुनहला यानी सिट्रिन को पुखराज का उपरत्न है। हल्के पीले रंग वाला सुनहला विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। ज्योतिष अनुसार, इसे धारण करने से मानसिक शांति, धन और सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
पीला टोपाज भी पुखराज के विकल्प के तौर पर देखा जाता है। यह दिखने में पुखराज जैसा होता है और अपेक्षाकृत बजट में मिल सकता है। इसे चांदी या पीतल में धारण करने की बात कही गई है।
पीला हकीक भी गुरु से जुड़े विकल्पों में शामिल किया जाता है। कुछ ज्योतिषीय परिस्थितियों में इसे बृहस्पति के शुभ प्रभाव के लिए हल्के विकल्प के रूप में धारण करने की सलाह दी जाती है।
पीला बैरूज यानी बेरिल (Beryl) परिवार का रत्न है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे पुखराज का अच्छा उपरत्न माना जाता है और गुरु के सकारात्मक प्रभाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
पीला जिरकॉन भी पुखराज के विकल्पों में गिना जाता है। मान्यता है कि यह आत्मविश्वास और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में सहायक होता है। हालांकि, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
