सुल्तानपुर। लम्भुआ तहसील परिसर स्थित आवास में हुई चोरी की घटना का खुलासा अब तक न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के बाद आवश्यक दस्तावेजों के गायब होने और उनके बारे में अब तक स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने से लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर में चोरी की घटना होने के बावजूद पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर कौन व्यक्ति परिसर में पहुंचा और किस तरह घटना को अंजाम दिया गया। बताया जा रहा है कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी समुचित छानबीन नहीं हो सकी, जिससे जांच की दिशा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद जिलाधिकारी स्तर से एक कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद में उसे बहाल भी कर दिया गया। इसके बावजूद चोरी की घटना का पर्दाफाश नहीं हो सका। ऐसे में आम लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि यदि सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के आवास में रखे महत्वपूर्ण अभिलेख और दस्तावेज सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर कितना भरोसा किया जाए?
लम्भुआ तहसील प्रशासन और पुलिस से लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कराई जाए, सीसीटीवी फुटेज समेत सभी संभावित साक्ष्यों को खंगाला जाए और चोरी के लिए जिम्मेदार लोगों का जल्द खुलासा किया जाए। सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला महज चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।
