Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

गाजीपुर: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सेवराई तहसील में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण


गाजीपुर।  गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा आज तहसील सेवराई के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने ग्राम पंचायत बिरऊपुर और हसनपुर का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद किया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत बिरऊपुर से हुई। यह गांव गंगा के सबसे नजदीक होने के कारण बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होता है। जिलाधिकारी ने खेतों में जाकर जलभराव की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि खेतों में पानी घुसने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इस पर जिलाधिकारी ने कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को निर्देश दिया कि पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वे कर फसल क्षति का आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करा रखा है, उनके क्लेम की कार्यवाही प्राथमिकता पर पूरी की जाए, ताकि उन्हें समय से मुआवजा मिल सके। इसके बाद जिलाधिकारी हसनपुर गांव पहुंचे। यहां पंचायत भवन में उन्होंने ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामीणों ने नाव, पीने के पानी, दवाओं और पशुओं के चारे से संबंधित समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बाढ़ के दौरान अत्यंत सावधानी बरतें। उन्होंने कहा, सभी ग्रामीण गंगा नदी के किनारे बिल्कुल न जाएं। पानी का प्रवाह तेज है और खतरा बना हुआ है। अपने बच्चों को अकेले बाहर न निकलने दें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

इसके पश्चात जिलाधिकारी द्वारा तहसील सभागार जमानिया में बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि गांव में मौजूद सभी पशुओं का युद्धस्तर पर अभियान चलते हुए टीकाकरण कराया जाए। बाढ़ के दौरान पशुओं में संक्रामक रोग फैलने का खतरा रहता है, इसलिए पहले से बचाव जरूरी है। साथ ही पशुओं के लिए भूसे और हरे चारे का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिला पूर्ति विभाग को निर्देश दिया गया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के पंचायत भवनों और बाढ़ शरणालयों में कम से कम 15 दिनों के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री और स्वच्छ पेयजल का अग्रिम भंडारण करा दिया जाए, ताकि बाढ़ की स्थिति में लोगों को परेशानी न हो। मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी बाढ़ चैकियों और शरणालयों पर चिकित्सकों की टीम तैनात रहे। पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, क्लोरीन टेबलेट, बुखार, उल्टी-दस्त की दवाएं और एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध रहें। गांव की गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर बीमार व्यक्तियों की सूची पहले से तैयार रखी जाए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और तहसील प्रशासन को निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित और जलमग्न होने वाले सभी मार्गों पर तत्काल बैरिकेडिंग लगाई जाए और खतरे के निशान लगाए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में उधर न जाए। पर्याप्त संख्या में नाव, नाविक और लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाढ़ शरणालयों में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीण तत्काल कंट्रोल रूम को सूचित कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत में कंट्रोल रूम नंबर चस्पा करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी जमानिया, तहसीलदार सेवराई, खंड विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |