लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मायके पक्ष ने पति, सास-ससुर समेत सात लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आजमगढ़ निवासी हबीबुर्रहमान ने पारा थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में बताया कि उसकी 25 वर्षीय बहन नैय्यबा खातून का निकाह 22 फरवरी 2025 को पारा क्षेत्र की जनता विहार कॉलोनी फेज-2, सलेमपुर पटौरा निवासी अब्दुल रहमान खान से हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति, सास, ससुर और अन्य ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसका लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते थे। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।
तहरीर में कहा गया है कि ससुराल पक्ष ने कारोबार के लिए रुपये की मांग की थी। बेटी का घर बसाने की उम्मीद में मृतका की मां ने 12 अक्टूबर 2025 को दो लाख रुपये चेक और तीन लाख रुपये नकद दिए, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। 20 जून 2026 को नैय्यबा मायके पहुंची थी और उसने परिजनों को बताया था कि पति, सास-ससुर, जेठ और ननद उसके साथ मारपीट करते हैं तथा उसे जान से मारने की धमकी देते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और ससुराल पक्ष ने भविष्य में किसी प्रकार की प्रताड़ना न देने का भरोसा दिया था।
आरोप है कि बीती रात करीब एक बजे मृतका के ससुर ने उसके पिता को फोन कर रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय पहुंचने के लिए कहा और बताया कि बेटी की तबीयत खराब है। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां नैय्यबा मृत अवस्था में मिली। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद पति समेत सभी ससुरालीजन मौके से फरार हो गए। मायके पक्ष का कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
पारा पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर पति अब्दुल रहमान खान, सास फातमा, ससुर इसरारुल हक, इजहारुल हक, अफसर अहमद, सलमान तथा ननद अफसाना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं, घटना के बाद मृतका के परिजनों में आक्रोश और शोक का माहौल है।
