प्रतापगढ़। सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में साहित्यकार लखन प्रतापगढ़ी के उपन्यास श्तपती धरती जलते पांवश् का भव्य लोकार्पण न्यू एंजेल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल फुलवारी प्रतापगढ़ में संपन्न हुआ। शारदा संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। समारोह में प्रदेश के अनेक जनपदों के साहित्यकार उपस्थित थे।
श्तपती धरती चलते पांवश् को बहुत सुंदर उपन्यास बताते हुए मुख्य अतिथि विज्ञान भूषण विजय चितौरी ने कहा कि लखन प्रतापगढ़ी ने उपन्यास में ग्रामीण परिवेश को बड़ी बेबाकी से पिरोया है। इसमें प्रवासी मजदूरों की पीड़ा को कुशलता से चिन्हित किया है। घटनाएं और संवाद उत्कृष्ट हैं। अंत तक पाठक का कौतूहल बना रहता है।
लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता कर रहे लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ0 दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि श्तपती धरती जलते पांवश् एक शाश्वत रचना है। इसके लेखन से युगबोध होता है। पात्रों का चयन ग्रामीण परिवेश से किया गया है। इसमें भाषा शैली रोचक है।
मुख्य वक्ता के रूप में सुप्रसिद्ध साहित्यकार दिनेश प्रताप सिंह श्चित्रेशश् ने कहा कि शिल्प तथा भाव की दृष्टि से कथानक बहुत ही सहज है। घटनाओं की बुनावट में कलात्मक कथाक्रम को गतिशील बनाती है। रचना का भविष्य उज्जवल है। इसमें भौतिकता है।
अतिविशिष्ट अतिथि सुल्तानपुर से आए कथाकार डॉ0 शोभनाथ शुक्ला ने कहा कि अवधी भाषा की मिठास से उपन्यास सराबोर है। इसमें संस्कृति और अवधि की सुगंध है। यह एक सफल उपन्यास है। संचालन शिक्षक अनिल कुमार निलय ने किया। साहित्यिक मनीषी डॉ0 राम प्यारे प्रजापति, डॉ0 शाहिदा, डॉ0 अर्जुन पांडेय, एलायंस क्लब इंटरनेशनल डायरेक्टर रोशनलाल उमरवैश्य व डॉ0 सालिक राम प्रजापति ने उपन्यास की समीक्षा की।
साहित्यकार राधेश्याम दीवाना, श्रीनाथ मौर्य सरस, प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम, राकेश कनौजिया, बीना श्रीवास्तव, सुप्रिया पांडे, सुनील कुमार सिंह, कुंज बिहारी लाल मौर्य, श्री जगदेव प्रसाद प्रजापति, रमाशंकर प्रजापति, भगवती प्रसाद प्रजापति, तुलसीराम प्रजापति, उदयभान सिंह, आनंद मित्र आनंद, शंकर लाल, राजेंद्र पटेल, अशोक कुमार, प्रधानाचार्य बीके सोनी, अनीश देहाती आदि लोग उपस्थित रहे।
