नरायनपुर/मिर्जापुर। स्थानीय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम शेरपुर में वर्ष 2009-10 में तत्कालीन विधायक एवं पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह की विधायक निधि से निर्मित सार्वजनिक उत्सव भवन आज अपनी बदहाली के कारण सरकारी धन के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण बनकर रह गया है। चारदीवारी सहित इस भवन का लोकार्पण भी स्वयं तत्कालीन विधायक द्वारा किया गया था,लेकिन अत्यंत दुखद तथ्य यह है कि निर्माण के बाद से आज तक इस भवन का कभी भी उल्लेखनीय रूप से उपयोग नहीं हो सका।
वर्तमान समय में भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। भवन की तीन ओर की दीवारें गिर चुकी हैं,कई कमरों में दरवाजे कभी लगाए ही नहीं गए और जो लगाए गए थे,वे भी समय के साथ उखाड़ लिए गए। भवन के भीतर और आसपास पीपल सहित अनेक बड़े-बड़े जंगली पेड़-पौधे उग आए हैं। पूरा परिसर झाड़ियों और घास से इस प्रकार भर गया है कि वहां जाना कठिन हो गया है। भवन के अनेक हिस्सों में दरारें और क्षति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी बन चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के उद्देश्य से निर्मित यह उत्सव भवन आज तक अपने मूल उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर सका। ऐसे में यह गंभीर प्रश्न उठता है कि लाखों रुपये की लागत से बने इस भवन का उपयोग क्यों नहीं सुनिश्चित किया गया तथा निर्माण की गुणवत्ता इतनी कमजोर क्यों रही कि कुछ ही वर्षों में भवन खंडहर में तब्दील हो गया। यह मामला सरकारी धन के सदुपयोग, निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। समाजसेवी डा.चन्द्रकांत चंद्रेश ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह पता लगाया जाए कि निर्माण कार्य में कहीं अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता तो नहीं किया गया तथा किन कारणों से यह भवन आज तक उपयोग में नहीं लाया जा सका। यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा वित्तीय अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही भवन का शीघ्र पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कराकर उसे ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग के लिए पुनः चालू कराया जाए।
