28 अगस्त को श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि और शुक्रवार का दिन है। पूर्णिमा तिथि शुक्रवार सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। 28 अगस्त को स्नान-दान की पूर्णिमा है। शुक्रवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के शनिवार सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक सुकर्मा योग रहेगा। 28 अगस्त को देर रात 3 बजकर 14 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 28 अगस्त को पंचक और चंद्र ग्रहण भी रहेगा। वहीं शुक्रवार को पूरे देश में धूमधाम के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
28 अगस्त 2026 का पंचांग
श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि- 28 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 49 मिनट तक
सुकर्मा योग- 28 अगस्त 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक
शतभिषा नक्षत्र- 28 अगस्त 2026 को देर रात 3 बजकर 14 मिनट तक
28 अगस्त 2027 विशेष- रक्षाबंधन, चंद्र ग्रहण, पंचक
राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त-
सुकर्मा योग- 28 अगस्त 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के कल सुबह 6 बजकर 36 मिनट तक
शतभिषा नक्षत्र- 28 अगस्त 2026 को देर रात 3 बजकर 14 मिनट तक
28 अगस्त 2027 विशेष- रक्षाबंधन, चंद्र ग्रहण, पंचक
राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त-
28 अगस्त 2026 को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक
28 अगस्त 2026 शुभ समयब्रह्म मुहूर्त- 04:51 ए एम से 05:37 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 05:14 ए एम से 06:23 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:14 पी एम से 01:05 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:45 पी एम से 03:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 06:57 पी एम से 08:05 पी एम
अमृत काल- 07:44 पी एम से 09:23 पी एम
28 अगस्त 2026 का अशुभ समय
28 अगस्त 2026 शुभ समयब्रह्म मुहूर्त- 04:51 ए एम से 05:37 ए एम
प्रातः सन्ध्या- 05:14 ए एम से 06:23 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:14 पी एम से 01:05 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:45 पी एम से 03:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:57 पी एम से 07:19 पी एम
सायाह्न सन्ध्या- 06:57 पी एम से 08:05 पी एम
अमृत काल- 07:44 पी एम से 09:23 पी एम
28 अगस्त 2026 का अशुभ समय
राहुकाल- 11:05 ए एम से 12:40 पी एम
यमगण्ड- 03:48 पी एम से 05:22 पी एम
आडल योग- 06:23 ए एम से 03:13 ए एम, अगस्त 29
विडाल योग- 03:13 ए एम, अगस्त 29 से 06:23 ए एम, अगस्त 29
गुलिक काल- 07:57 ए एम से 09:31 ए एम
दुर्मुहूर्त- 08:53 ए एम से 09:44 ए एम
वर्ज्य- 09:45 ए एम से 11:24 ए एम
बाण मृत्यु - 06:06 पी एम तक
पंचक- पूरे दिन
अग्नि - 06:06 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
राहुकाल का समय
यमगण्ड- 03:48 पी एम से 05:22 पी एम
आडल योग- 06:23 ए एम से 03:13 ए एम, अगस्त 29
विडाल योग- 03:13 ए एम, अगस्त 29 से 06:23 ए एम, अगस्त 29
गुलिक काल- 07:57 ए एम से 09:31 ए एम
दुर्मुहूर्त- 08:53 ए एम से 09:44 ए एम
वर्ज्य- 09:45 ए एम से 11:24 ए एम
बाण मृत्यु - 06:06 पी एम तक
पंचक- पूरे दिन
अग्नि - 06:06 पी एम से पूर्ण रात्रि तक
राहुकाल का समय
दिल्ली- सुबह 10:46 - 12:22 AM
मुंबई- दोपहर पहले 11:06 - 12:40 AM
चंडीगढ़- सुबह 10:47 - 12:24 AM
लखनऊ- सुबह 10:32 - 12:07 AM
भोपाल- सुबह 10:46 - 12:21 AM
कोलकाता- सुबह 10:03 - 11:38 AM
अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:05 - 12:40 AM
चेन्नई- सुबह 10:37 - 12:10 AM
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 05:56 बजे
सूर्यास्त- शाम 06:47 बजे
चंद्र ग्रहण 2026
चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय समय अनुसार आज सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर पहले 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जायेगा। इस चंद्र ग्रहण का कुल पर्वकाल 3 घंटे 26 मिनट का होगा। आपको बता दें कि यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण प्रारंभ होने के 9 घंटे पहले लग जाता है। यह ग्रहण अर्कटिका, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, हिन्द महासागर, अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर, मोक्ष अलास्का, यूजीलैण्ड और प्रशांत महासागर में नजर आएगा। इसके अलावा यूक्रेन, तुर्की, सउदी अरब, यमन, मेडागास्कर, रुस के पश्चिमी भाग में, हिंद महासागर और अफ्रीका के पूर्वी भाग में भी यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
चंडीगढ़- सुबह 10:47 - 12:24 AM
लखनऊ- सुबह 10:32 - 12:07 AM
भोपाल- सुबह 10:46 - 12:21 AM
कोलकाता- सुबह 10:03 - 11:38 AM
अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:05 - 12:40 AM
चेन्नई- सुबह 10:37 - 12:10 AM
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय सूर्योदय- सुबह 05:56 बजे
सूर्यास्त- शाम 06:47 बजे
चंद्र ग्रहण 2026
चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय समय अनुसार आज सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और दोपहर पहले 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जायेगा। इस चंद्र ग्रहण का कुल पर्वकाल 3 घंटे 26 मिनट का होगा। आपको बता दें कि यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण प्रारंभ होने के 9 घंटे पहले लग जाता है। यह ग्रहण अर्कटिका, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, हिन्द महासागर, अटलांटिक महासागर, प्रशांत महासागर, मोक्ष अलास्का, यूजीलैण्ड और प्रशांत महासागर में नजर आएगा। इसके अलावा यूक्रेन, तुर्की, सउदी अरब, यमन, मेडागास्कर, रुस के पश्चिमी भाग में, हिंद महासागर और अफ्रीका के पूर्वी भाग में भी यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
