बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीशध्अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया अनिल कुमार झा के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 1 अगस्त से 30 दिसंबर 2026 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता यानी सुलह-समझौते के माध्यम से अधिकाधिक संख्या में निस्तारण करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित किए जाने की अपील की गई है, जिनमें आपसी सहमति से विवाद का समाधान होने की संभावना अधिक हो।
अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति के बंटवारे, बेदखली, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जा सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनसामान्य से अपील की है कि वे अपने अथवा किसी परिचित के उपरोक्त प्रकार के विवादों का निस्तारण आपसी सुलह- समझौते के आधार पर मीडिएशन सेंटर, बलिया में कराएं। प्राधिकरण ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की सस्ती, सुलभ और प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया है। इसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर समय और संसाधनों की बचत कर सकते हैं। इस संबंध में जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) चंद्र प्रकाश तिवारी-प्प् ने दी। उन्होंने आमजन से राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
