लिफ्ट में बच्ची के फंसने के बाद ग्रीन ऑर्चिड सोसायटी के लोगों का फूटा गुस्सा
मुरादाबाद (विधान केसरी)। ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी में लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल से घर लौट रही 8 वर्षीय छात्रा लिफ्ट के बीच रास्ते में अचानक रुक जाने के कारण करीब 10 मिनट तक उसके अंदर अकेली फंसी रही। बाहर निकलने की कोशिश में दरवाजा नहीं खुला तो बच्ची घबरा गई और रोने लगी। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्ची लिफ्ट के अंदर परेशान और डरी हुई नजर आ रही है। गुस्साए सोसाइटी वासियों ने मोबाइल की रोशनी कर बड़ी संख्या में मार्च निकाला, और बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार, ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी के बी-ब्लॉक में रहने वाले संदीप शुक्ला की 8 वर्षीय बेटी कीर्ति शुक्ला केपीएस स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। स्कूल की छुट्टी के बाद वह घर पहुंची और अपार्टमेंट की लिफ्ट में सवार हुई। कुछ ही देर बाद लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में रुक गई। कीर्ति ने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
काफी देर तक प्रयास करने के बाद जब लिफ्ट नहीं खुली तो मासूम घबरा गई और रोने लगी। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को लिफ्ट के अंदर परेशान हालत में देखा जा सकता है। परिजनों के मुताबिक, करीब 10 मिनट तक बच्ची लिफ्ट में फंसी रही, जिसके बाद उसे बाहर निकाला गया।
घटना के बाद बच्ची के परिजनों के साथ ही सोसाइटी के अन्य निवासियों में भी चिंता है। कुछ निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी में लिफ्ट के बीच में रुकने और लोगों के फंसने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसे में लिफ्ट के रखरखाव और नियमित जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों को लेकर सोसाइटी प्रबंधन या बिल्डर का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अब सवाल यह है कि यदि लिफ्ट में कोई बच्चा या बुजुर्ग फंस जाए तो आपात स्थिति में उसकी तत्काल मदद के लिए सोसाइटी में क्या व्यवस्था है? घटना ने लिफ्ट की सुरक्षा, नियमित मेंटेनेंस और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोबाइल की टॉर्च जलाई, फिर बिल्डर के खिलाफ उठी आवाज
दिल्ली रोड स्थित ग्रीन ऑर्चिड सोसायटी में शनिवार रात नजारा कुछ अलग था। सोसायटी की रोशनी के बीच लोगों के हाथों में मोबाइल की टॉर्च जल रही थी और उसी रोशनी में बिल्डर के खिलाफ नारे गूंज रहे थे। वजह थी सोसायटी की लिफ्ट और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर लगातार बढ़ता आक्रोश।
हाल ही में लिफ्ट में एक 8 वर्षीय बच्ची के फंसने का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि लिफ्ट में पर्याप्त पावर बैकअप के लिए यूपीएस की व्यवस्था नहीं है। बिजली जाते ही लिफ्ट बंद होने का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि आए दिन बच्चे और बुजुर्ग लिफ्ट में फंस जाते हैं।
निवासियों के मुताबिक, लिफ्ट की समस्या को लेकर कई बार बिल्डर से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ऐसे में शनिवार रात लोगों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मोबाइल फोन की रोशनी में बिल्डर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रदर्शन में हेमंत शर्मा, अभिषेक चौबे, अवधेश भंडारी, शोभन गर्ग, मिंटू मदान, राहुल भंडूला, मीरा यादव, मंजू चौबे, सुप्रिया सरन, शम्मी दुबे सहित कई सोसायटी निवासी मौजूद रहे।
निवासियों का सवाल है कि जब लिफ्ट में बच्चे और बुजुर्ग फंस रहे हैं तो आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे? फिलहाल, बच्ची के लिफ्ट में फंसने के वीडियो के बाद सोसायटी की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
