हंगामे के बीच लोकसभा में पेश हुए 4 बिल
August 10, 2026
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी चरण में सोमवार (10 अगस्त) को चार महत्वपूर्ण बिल पेश हुए. ये वो बिल हैं जो राज्यों की डिमांड से जुड़े हैं इसलिए उम्मीद की जा रही थी कि आज विपक्ष संसद की कार्यवाही चलने देगा. सोमवार को जो 4 बिल पेश हुए हैं, उनमें केरल का नाम बदलकर केरलम करने, ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल 2026 के अलावा माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल 2026 और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल,2026 शामिल हैं.
मॉनसून सत्र खत्म होने में 4 दिन बचे हैं और आज ही चार बिल पेश हुए हैं. हालांकि मोदी सरकार लगातार विपक्षी नेताओं से बात कर रही थी. किरेन रिजिजू खुद राहुल गांधी से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. बता दें कि आज सदन में जो 4 बिल पेश किए गए हैं. वो देश के कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को आधुनिक बनाने और राज्यों की मांगों को पूरा करने वाले हैं.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि जब तक गृह मंत्री संसद में बयान नहीं देंगे तब तक डेडलॉक चलेगा. वहीं दूसरी ओर FCRA बिल को लेकर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि एक्सपर्ट लोग इसमें अलग-अलग सुझाव दे रहे हैं. वो कुछ कह रहे हैं और सरकार कुछ और ही कह रही है. उन्होंने आगे कहा कि लेकिन हमें लगता नहीं ये सब ठीक है.
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को लेकर कहा कि उन्होंने इसे पहले ही लागू कर दिया है. जिस दिन वोट होने जा रहा था उसी रात 9 बजे इन्होंने लागू कर दिया था नारी शक्ति वंदन अधिनियम उसी हिसाब से सब करा दें.
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया. इसका मकसद नए दल-बदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा करना है, जो कि अवसरवाद की वजह से होने वाले बड़े पैमाने पर राजनीतिक दल-बदल को रोक सके. जब इसके पीछे कोई वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद न हों.
