ट्रेन लेट से फंसे छात्र, मसीहा बनकर पहुंचे डीआरएम , स्पेशल ट्रेन से 40 से अधिक बच्चों को पहुंचाया परीक्षा केंद्र
August 20, 2026
बिहार के समस्तीपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो रेलवे के मानवीय चेहरे को सामने लाती है। ट्रेन लेट होने के कारण करीब 40 से अधिक परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटने का खतरा था। इसी बीच सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन देवदूत बनकर सामने आए और अपनी स्पेशल इंस्पेक्शन ट्रेन से परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में मदद की।
दरअसल, बुधवार को शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में स्नातक के परीक्षार्थी दलसिंहसराय स्थित अपने परीक्षा केंद्र जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। परीक्षार्थियों को 75246 डाउन पैसेंजर ट्रेन से यात्रा करनी थी, जिसका निर्धारित समय सुबह 7 बजकर 57 मिनट था। लेकिन ट्रेन करीब एक घंटा 24 मिनट लेट चल रही थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परीक्षार्थियों की चिंता बढ़ने लगी। सभी को डर था कि कहीं ट्रेन की देरी के कारण उनकी परीक्षा न छूट जाए।
इसी दौरान शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम अमित सरन का स्पेशल इंस्पेक्शन कोच पहुंचा। स्टेशन का निरीक्षण पूरा करने के बाद जब डीआरएम की नजर परेशान परीक्षार्थियों पर पड़ी, तो छात्रों ने उनसे अपनी समस्या बताई। परीक्षार्थियों ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन लेट होने के कारण वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाएंगे और उनकी परीक्षा छूट सकती है।
परीक्षार्थियों की परेशानी सुनकर डीआरएम अमित सरन ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने करीब 40 से अधिक छात्र-छात्राओं को अपने स्पेशल इंस्पेक्शन कोच में सवार होने की अनुमति दे दी। इसके बाद परीक्षार्थियों को स्पेशल कोच से विद्यापति धाम स्टेशन तक पहुंचाया गया। वहां से सड़क मार्ग के जरिए छात्र-छात्राएं अपने परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हुए और समय रहते परीक्षा केंद्र पहुंचने में सफल रहे।
डीआरएम अमित सरन की इस नेकी से छात्र और उनके परिजन बेहद खुश हैं। एक छात्र ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन लेट होने की वजह से हमारी परीक्षा छूटने वाली थी। डीआरएम सर ने हमारी परेशानी समझी और अपने स्पेशल कोच से हमें आगे पहुंचाया। उनकी मदद से हम समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सके। अगर समय रहते डीआरएम सर ने मदद नहीं की होती, तो कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट सकती थी।
