कनाडा के नानकसर गुरुद्वारे में हमला, चाकूबाजी में 2 श्रद्धालु घायल
August 22, 2026
कनाडा के एडमॉन्टन स्थित नानकसर गुरुद्वारे में शुक्रवार तड़के हमला हो गया। जानकारी के मुताबिक एक शख्स अचानक गुरुद्वारे में घुसकर प्रार्थना स्थल की ओर जाने की कोशिश करने लगा। कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की जिससे विवाद बढ़ गया। गुस्से में आरोपी ने वहां मौजूद दो श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में 75 वर्षीय और 51 वर्षीय दो पुरुष घायल हुए हैं। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को भयावह करार दिया है।
एडमॉन्टन पुलिस के मुताबिक सुबह पांच बजे करीब यह घटना हुई। युवक द्वारा चाकू से हमला करते ही मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि 27 साल का यह आरोपी पहले से पुलिस के रिकॉर्ड में था। उसका 2015 से हिंसक हमलों का लंबा इतिहास रहा है। वह हमले से एक दिन पहले ही अल्बर्टा की संघीय जेल से रिहा हुआ था और उसे एडमॉन्टन के एक निर्धारित हाफवे हाउस में रिपोर्ट करना था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा।
पुलिस अभी हमले के मकसद की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे नफरत या सिख विरोधी विचारधारा तो नहीं थी। वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन ने घटना को बेहद चिंताजनक बताया है और दावा किया कि हमले के दौरान गुरुद्वारे के भीतर मौजूद सिख धर्मग्रंथ की भी बेअदबी की गई। पुलिस ने कहा है कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हमले की निंदा करते हुए इसे भयावह घटना बताया और घायलों तथा प्रभावित समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की। घटना के बाद गुरुद्वारे को अस्थायी रूप से आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
मार्क कार्नी ने एक्स पर लिखा, "आज सुबह एडमोंटन के नानकसर गुरुद्वारे पर हुआ हमला बहुत बुरा है। मेरी संवेदनाएं उन दो लोगों के साथ हैं जो घायल हुए हैं। मेरी संवेदनाएं उस पूरे समुदाय के साथ हैं जो इस भयानक घटना से हिल गया है। किसी को भी अपनी पूजा की जगह पर कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। मैं एडमोंटन पुलिस सर्विस को उनके तुरंत जवाब के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।"
बता दें कि इससे पहले पिछले साल खालिस्तान समर्थक उपद्रवियों ने कनाडा के वैंकूवर स्थित गुरुद्वारे में तोड़फोड़ की थी और दीवरों पर खालिस्तान जिंदाबाद का नारा लिखा दिया। खालसा दीवान सोसाइटी ने इस संबंध में एक बयान में कहा, "खालिस्तान की वकालत करने वाले सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह ने 'खालिस्तान जिंदाबाद' जैसे विभाजनकारी नारे लगाकर हमारी पवित्र दीवारों को खराब कर दिया।"
