संग्रामपुर/अमेठी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गुरु दक्षिणा कार्यक्रम गया बख्श सरस्वती शिशु मंदिर के समीप एक धार्मिक शेड में आयोजित कि गई। कार्यक्रम में सबसे पहले ध्वज प्रणाम कार्यक्रम किया गया उसके बाद हर स्वयंसेवक अपनी क्षमता और स्वेच्छा से गुरु दक्षिणा दी। कार्यक्रम को लेकर आयोजकों द्वारा बताया गया कि गुरु दक्षिणा किसी व्यक्ति को गुरु नही माना जाता बल्कि त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति के प्रतीक भगवान ध्वज को ही सर्वोच्च गुरु माना जाता है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक और समर्थक पुरी श्रद्धा और गोपनीयता के साथ भागवत ध्वज के सामने अपनी भेंट दक्षिणा अर्पित किया जो एक गुप्त ज्ञान के रूप में दिया गया।
संग्रामपुर: भगवा ध्वज ही सर्वोच्च गुरु-- संघ ईकाई संग्रामपुर
July 30, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गुरु दक्षिणा कार्यक्रम गया बख्श सरस्वती शिशु मंदिर के समीप एक धार्मिक शेड में आयोजित कि गई। कार्यक्रम में सबसे पहले ध्वज प्रणाम कार्यक्रम किया गया उसके बाद हर स्वयंसेवक अपनी क्षमता और स्वेच्छा से गुरु दक्षिणा दी। कार्यक्रम को लेकर आयोजकों द्वारा बताया गया कि गुरु दक्षिणा किसी व्यक्ति को गुरु नही माना जाता बल्कि त्याग बलिदान और राष्ट्र भक्ति के प्रतीक भगवान ध्वज को ही सर्वोच्च गुरु माना जाता है। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवक और समर्थक पुरी श्रद्धा और गोपनीयता के साथ भागवत ध्वज के सामने अपनी भेंट दक्षिणा अर्पित किया जो एक गुप्त ज्ञान के रूप में दिया गया।
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