संग्रामपुर/अमेठी। जनपद की सहकारी समितियों से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। धान की रोपाई के तुरंत बाद पहले टॉप ड्रेसिंग में यूरिया नहीं मिलने से परेशान किसान निजी दुकान पर महंगे दाम में यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हो गए है। मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर क्षेत्र के सहकारी समिति गोरखापुर और करौंदी क्षेत्र के आने वाले किसान शुक्रवार को धान की रोपाई के बाद पहले यूरिया खाद खेतों में डालने के लिए परेशान दिखाई दे रहे थे ,इसके बाद समिति पर ताला लटका देखकर किसान निजी दुकान से लगभग 450 रुपए में यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हो गए गोरखापुर समिति पर निराश लौटे किसान विशेषरगंज बाजार में किसान सेवा केंद्र पर जाकर मंहगे दामों में खाद खरीद कर लाकर अपने खेतों में यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि रोपाई के ठीक बाद नहीं बल्कि 12 से 15 दिन के अन्दर यूरिया डालना बहुत आवश्यक होता है। इसलिए हम लोगों को मजबूरन समितियों पर लटकता ताला देखकर निजी दुकान से यूरिया खाद खरीदे दुकानदार राजाराम ने बताया कि यूरिया के साथ एक जिंग -सल्फर में लेना अनिवार्य है ।
संग्रामपुर: समितियां पर लटकता मिला ताला! निजी दुकान पर खाद खरीदने को मजबूर किसान
July 31, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जनपद की सहकारी समितियों से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। धान की रोपाई के तुरंत बाद पहले टॉप ड्रेसिंग में यूरिया नहीं मिलने से परेशान किसान निजी दुकान पर महंगे दाम में यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हो गए है। मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर क्षेत्र के सहकारी समिति गोरखापुर और करौंदी क्षेत्र के आने वाले किसान शुक्रवार को धान की रोपाई के बाद पहले यूरिया खाद खेतों में डालने के लिए परेशान दिखाई दे रहे थे ,इसके बाद समिति पर ताला लटका देखकर किसान निजी दुकान से लगभग 450 रुपए में यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हो गए गोरखापुर समिति पर निराश लौटे किसान विशेषरगंज बाजार में किसान सेवा केंद्र पर जाकर मंहगे दामों में खाद खरीद कर लाकर अपने खेतों में यूरिया का छिड़काव कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि रोपाई के ठीक बाद नहीं बल्कि 12 से 15 दिन के अन्दर यूरिया डालना बहुत आवश्यक होता है। इसलिए हम लोगों को मजबूरन समितियों पर लटकता ताला देखकर निजी दुकान से यूरिया खाद खरीदे दुकानदार राजाराम ने बताया कि यूरिया के साथ एक जिंग -सल्फर में लेना अनिवार्य है ।

