चारधाम यात्रा के सफल संचालन और बुग्यालों से जुड़े स्थानीय हितों के लिए जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभारः 8 कांवड़ यात्रा पर आने वाले शिवभक्तों का स्वास्थ्य खराब होने की दशा में तत्काल निशुल्क किया जा रहा है उपचार
हरिद्वार। पवित्र कांवड़ यात्रा पर आ रहे शिवभक्तों का स्वास्थ्य खराब होने पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग सहित 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर के कैंप लगाए गए है, जहां पर शिवभक्तों का स्वास्थ्य खराब या किन्ही कारणों से चोट लगने पर तत्काल उनका निशुल्क उपचार किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने अवगत कराया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिवभक्तों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए गए है तथा आज कांवड़ यात्रा के दूसरे दिन विभिन्न कैंपों में आए शिवभक्तों का जिसमें 6666 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार किया गया है। कांवड़ यात्रा के दो दिनों में 7112 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान पहली बार 4 मेडिकल मोबाइल यूनिट शामिल की गई है जिनके माध्यम से शिवभक्तों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा की चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें 24 घंटे शिव भक्तों की सेवा के लिए तत्पर हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके साथ ही सभी स्वास्थ्य शिविरों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों, एम्बुलेंस एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर. के. सिंह ने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, समय-समय पर विश्राम करें तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार अवश्य प्राप्त करें।
जनपद प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ ही गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को भी जन शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो और संबंधित लोगों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक श्रीमती आशा नौटियाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा के साथ ही चारधाम यात्रा के अब तक सफल एवं सकुशल संचालन तथा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी और बेहतर प्रबंधन के परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
विधायक श्री भूपाल राम टम्टा ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने बुग्याल क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय में स्थानीय हितों को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड के बुग्याल प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर हैं और इनसे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका एवं पर्यटन गतिविधियां जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आजीविका के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास की दिशा में सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय हितों, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच बेहतर समन्वय से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जन समस्याओं का समयबद्ध समाधान और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित विकास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य किया जाए।
इस अवसर पर सचिव श्री विनय शंकर पांडेय, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव श्री जे. सी कांडपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
