पीलीभीत।पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जटपुरा से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई सात वर्षीय मासूम अंशिका का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार पांच दिनों से पुलिस, वन विभाग और सैकड़ों ग्रामीण दिन-रात उसकी तलाश में जुटे हैं, लेकिन हर प्रयास अब तक नाकाम साबित हुआ है। समय बीतने के साथ परिजनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं और गांव में अनहोनी की आशंकाएं गहराती जा रही हैं।
शुरुआती चार दिनों तक पुलिस और वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से गांव के आसपास के खेतों, झाड़ियों और हरीपुर रेंज के घने जंगलों में व्यापक सर्च अभियान चलाया। आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी कराई गई, जबकि गोताखोरों ने जलाशयों में भी तलाश की। इसके बावजूद मासूम का कोई पता नहीं चल सका।सोमवार शाम ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए श्सूखा बाबाश् धार्मिक स्थल के पास स्थित बड़े तालाब में घंटों तक खोजबीन की। दर्जनों लोग तालाब में उतरकर गहराई तक तलाश करते रहे, लेकिन वहां से भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी।पांच दिन गुजर जाने के बाद बच्ची का कोई सुराग न मिलने से परिवार गहरे सदमे में है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण लगातार बच्ची के सकुशल मिलने की दुआ कर रहे हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और जंगल क्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि जांच हर संभावित एंगल से की जा रही है और बच्ची की तलाश के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं।इस बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्च अभियान और तेज करने तथा मासूम अंशिका को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने की मांग की है। पांच दिनों से रहस्य बनी अंशिका की गुमशुदगी अब पूरे क्षेत्र की सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है।
