NEET परीक्षा से पहले अस्थायी प्रतिबंध के फैसले के खिलाफ Telegram पहुंचा हाईकोर्ट! अपील मंजूर
June 17, 2026
NEET-UG 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले सरकार द्वारा Telegram ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध के खिलाफ कंपनी दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंची है। Telegram ने इस फैसले को चुनौती देते हुए तुरंत सुनवाई की मांग की, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर कर लिया। बता दें कि, मंगलवार को केंद्र ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की सिफारिश पर टेलीग्राम पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी देश भर में मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवश्यक राष्ट्रीय प्रवेश पात्रता परीक्षा (एनटीई) जैसी योग्यता परीक्षाओं के संचालन के लिए जिम्मेदार केंद्रीय निकाय है। केंद्र ने कहा कि यह अस्थायी प्रतिबंध परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के लीक होने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने और नकल करने वाले नेटवर्क को बंद करने के लिए लगाया गया है। टेलीग्राम को 30 जून तक अपने मैसेज एडिटिंग फीचर को बंद करने के लिए भी कहा गया था।
एनटीए ने दावा किया कि इस फीचर का दुरुपयोग करके 'पेपर लीक' के सबूत तैयार किए गए थे, जिसमें परीक्षा होने के बाद संदेशों को संपादित करके और प्रश्न पत्रों को डालकर, टाइमस्टैम्प को बरकरार रखा गया था। एनटीए ने कहा कि दोनों उपायों की सिफारिश उन गिरोहों से निपटने के लिए की गई थी जो प्रश्न लीक करते हैं और परीक्षा पास करने के इच्छुक मेडिकल छात्रों को लाखों रुपये में पहले से हल किए गए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते हैं। परीक्षा संबंधी प्रश्नपत्रों के लीक होने के बाद संस्था ने कहा कि ये प्रतिबंध संगठित नकल रैकेटों और परीक्षा से संबंधित फर्जी संदेशों के प्रसार से निपटने के लिए हैं। गूगल और एप्पल ने इसे अपने मोबाइल एप्लिकेशन स्टोर से हटा दिया है।
Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए तर्क दिया है कि 'यह मूल समस्या का समाधान किए बिना लाखों आम यूजर्स को प्रभावित करता है। इससे 15 करोड़ से ज्यादा सामान्य भारतीय यूजर्स को सजा मिल रही है।' वहीं, कई छात्र संगठन और अभिभावक सुरक्षा उपायों का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन कुछ का कहना है कि VPN के जरिए बायपास संभव होने से असर सीमित रहेगा।
