प्रतापगढ़। जहां एक ओर सरकार और न्यायालय नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन तथा मूलभूत सुविधाओं का अधिकार सुनिश्चित करने की बात करते हैं, वहीं प्रतापगढ़ स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक में अपनी नाबालिग पुत्री के साथ पहुंचे एक ग्राहक को बैंक कर्मियों ने बच्ची के लिए शौचालय का उपयोग करने से रोक दिया। घटना से आहत पिता ने बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दोषी कर्मचारियों और शाखा प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अभिषेक तिवारी निवासी शिवपुर खुर्द का कहना है कि वह 21 मई 2026 को अपनी पुत्री के साथ आईडीबीआई बैंक शाखा प्रतापगढ़ में बैंकिंग कार्य से पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी पुत्री को शौचालय जाने की आवश्यकता हुई। आरोप है कि जब वह बच्ची को बैंक परिसर स्थित शौचालय ले जाने लगे तो वहां मौजूद बैंक कर्मियों ने उन्हें रोक दिया और शौचालय का उपयोग करने से मना कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो उन्हें भी कोई राहत नहीं मिली। आरोप है कि प्रबंधक ने भी संवेदनशीलता दिखाने के बजाय बाहर जाकर शौचालय कराने की बात कह दी। घटना के बाद अभिभावक ने बैंक के ग्राहक सेवा विभाग को लिखित शिकायत भेजकर मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला केवल एक बैंक ग्राहक की परेशानी भर नहीं, बल्कि एक मासूम बच्ची के सम्मान, स्वास्थ्य और बुनियादी मानवीय अधिकारों से जुड़ा हुआ है। शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा से किसी बच्चे, महिला, बुजुर्ग या जरूरतमंद व्यक्ति को वंचित करना न केवल अमानवीय है बल्कि सामाजिक संवेदनाओं पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
.jpg)