इतिहासकार रामचंद्र गुहा और शशि थरूर में टकराव, राहुल गांधी को लेकर सोशल मीडिया पर वार-पलटवार
June 07, 2026
रामचंद्र गुहा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर टकराव देखने को मिला है. रामचंद्र गुहा ने एक इंटरव्यू में राहुल गांधी की योग्यता पर सवाल उठाया था, जिसका शशि थरूर ने जवाब दिया था. अब एक बार फिर गुहा ने शशि थरूर पर पलटवार किया है.
थरूर ने राहुल गांधी की योग्यता पर सवाल उठाने पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उदाहरण दिया था. हालांकि थरूर के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़े गए लगातार तीन आम चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है.
रामचंद्र गुहा ने रविवार (7 जून) को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राहुल गांधी को लेकर आपके बचाव का मैं स्वागत करता हूं. अफसोस, यह मेरे लेख और इंटरव्यू के मुख्य बिंदु 'उनके निराशाजनक नेतृत्व रिकॉर्ड' को संबोधित नहीं करता है. गुहा ने कहा, 'फैक्ट खुद ही सब कुछ बयां करते हैं. उनके नेतृत्व में लड़े गए लगातार तीन आम चुनावों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है. '
रामचंद्र गुहा ने राहुल गांधी को लेकर कहा कि उनके कार्यकाल में कांग्रेस विधायकों की संख्या में लगभग 50% की गिरावट आई है. 2013 में कांग्रेस 14 राज्यों में सत्ता में थी. यह वही पार्टी थी जो राहुल गांधी को विरासत में मिली थी. अब कांग्रेस सिर्फ 5 राज्यों में सत्ता में है. पार्टी का देशव्यापी प्रभाव जैसे-जैसे कम होता जा रहा है तो क्या इसके लिए प्रमुख नेता को जवाबदेह नहीं ठहराया जाना चाहिए? या इस सवाल का सामना करने के लिए कांग्रेस बहुत असहज हो रही है?
बता दें कि हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में राहुल गांधी के भारत के प्रधानमंत्री बनने को लेकर गुहा ने उनकी योग्यता पर सवाल उठाए थे. उन्होंने खासकर गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकटों से निपटने के लिए उनके पारंपरिक प्रशासनिक अनुभव और विदेश नीति की कुशलता की कमी का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत शालीनता के अलावा इस पद के लिए क्या चीजें योग्य बनाती हैं
इस पर पलटवार करते हुए शशि थरूर ने बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया. थरूर ने कहा कि जब दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति बराक ओबामा बने, तब इलिनोइस से पहली बार सीनेटर बने बराक ओबामा को विश्व मामलों का कितना अनुभव था. पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री को कितना अनुभव था?
