कुंडा/प्रतापगढ। जिले में कुंडा तहसील क्षेत्र में नवाबगंज थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव में सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने दर्जनभर से अधिक महिलाओं को आगे कर आबादी की जमीन पर बने सार्वजनिक रास्ते को जबरन बंद करने का प्रयास किया और विरोध करने पर उनके घर पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
उक्त गांव के रहने वाले हरकेश कुमार पुत्र सूर्य प्रताप ने एसडीएम कुंडा को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनके घर तक पहुंचने के लिए आबादी की भूमि से होकर वर्षों पुराना सार्वजनिक रास्ता बना हुआ है। गांव के कुछ लोग उस रास्ते पर अवैध निर्माण कर उसे बंद करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि इसके लिए महिलाओं के बड़े समूह को आगे कर रास्ते पर निर्माण कराया जा रहा है ताकि विरोध करने वालों पर कानूनी दबाव बनाया जा सके।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने रास्ता अवरुद्ध किए जाने का विरोध किया तो महिलाओं के समूह ने उनके घर पर धावा बोल दिया और ईंट-पत्थर चलाए। इस दौरान हमलावरों के साथ मौजूद पुरुषों पर भी हमला करने तथा अवैध असलहा रखने का आरोप लगाया गया है। जान बचाने के लिए पीड़ित परिवार को घर के अंदर शरण लेनी पड़ी।
हरकेश कुमार का दावा है कि उन्होंने घटना का आंशिक वीडियो भी बनाया है और उसे स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराया है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित ने पुलिस से हमलावरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा राजस्व अधिकारियों से सार्वजनिक रास्ते पर हो रहे अतिक्रमण को तत्काल रोकने की मांग की है।
घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। वहीं यह मामला एक बड़े सवाल को भी जन्म दे रहा है कि क्या महिलाओं के संरक्षण के लिए बने कानूनों की आड़ लेकर सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर कब्जे के प्रयास किए जा सकते हैं, अथवा प्रशासन ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा। अब सबकी निगाहें प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। इस संबंध में सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता का कहना है कि निर्माण रोक करके स्थल पर फोर्स तैनात कर दी गई है एवं निर्माण करने वालों के पक्ष से कई लोगों को पाबंद करके अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है। समस्या के समाधान के लिए राजस्व विभाग की मदद ली जा रही है।
