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प्रतापगढः 3 जुलाई तक मौसम का अलर्ट, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी! वज्रपात से बचाव के लिए एडीएम की अपील, ‘दामिनी’ और ‘सचेत’ ऐप डाउनलोड करें


प्रतापगढ़। जिले में अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0) आदित्य प्रजापति ने मंगलवार को मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मद्देनजर जनपद में आगामी दिनों के दौरान मेघगर्जन, वज्रपात, तेज आंधी और भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। उन्होने आमजन से सतर्क रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। उन्होने बताया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) लखनऊ द्वारा जारी चेतावनी के तहत जनपद प्रतापगढ़ में 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण मेघगर्जन, वज्रपात, तेज हवाएं तथा कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तथा झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। उन्होने बताया कि 30 जून से 1 जुलाई तक जिले को येलो जोन तथा 2 से 3 जुलाई तक ऑरेंज जोन में रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसून के प्रभाव से वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

उन्होंने बताया है कि यदि आप खुले में हो तो शीघ्रातिशीघ्र किसी पक्के मकान में शरण लें, व्यर्थ की यात्रा से बचें, खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे एवं छत से दूर रहे, ऐसी वस्तुएं जो बिजली की सुचालक हैं, उनसे दूर रहें। बिजली के उपकरणों या तार के साथ संपर्क से बच्चे व बिजली के उपकरणों को विजली के संपर्क से हटा दें। तालाब और जलाशयों से भी दूरी बनाये रखें। समूह में न खड़े हो, बल्कि अलग-अलग खड़े रहें। यदि आप जंगल में हो तो बोने एवं घने पेड़ों के शरण में चले जायें। बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें। बाइक, बिजली या टेलीफोन का खंभा, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें। धातु से बने कृषि यंत्र-डंडा आदि से अपने को दूर कर दें। आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र लें जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। स्थानीय रेडियों अन्य संचार साधनों से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें। यदि आप खेत खलिहान में काम कर रहे हो और किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पायें हो तो जहां हैं यहीं रहें, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें से जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें तथा यथाशीघ्र सुरक्षित स्थान पर शरण लें, दोनो पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनों हाथों से कानों को बंद कर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव शरीर को झुका लें तथा सिर को जमीन से न सटाए, जमीन पर कदापि न लेटें, ऊंचे इमारत वाले क्षेत्रों में शरण नहीं लें। साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे कदापि शरण नहीं लें, क्योंकि ऊंचे वृक्ष, ऊंची इमारते एवं टेलीफोनध्बिजली के खम्भे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पैदल जा रहे हो तो धातु की डंडी वाले छातों का उपयोग न करें। यदि घर में हों तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुए। एडवाइजरी में कहा गया है कि बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए सचेत एवं दामिनी मोबाइल ऐप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड करें, जिससे मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी समय रहते प्राप्त हो सके और संभावित क्षति को कम किया जा सके।

उन्होने कृषि मौसम आधारित पूर्वानुमान में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। गन्ना, दलहन, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली तथा सब्जी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करने, मल्चिंग अपनाने तथा तेज हवा और वर्षा से फलों एवं सब्जियों को बचाने के उपाय करने की अपील की गई है। आम, केला और पपीता उत्पादकों को भी तेज हवा और अत्यधिक तापमान से फलों को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। आमजन से अपील की गई है कि मौसम संबंधी ताजा सूचनाओं पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

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