रुद्रपुर। शहर के विस्तार के साथ नई-नई आवासीय कॉलोनियां तो विकसित हो रही हैं, लेकिन कई कॉलोनियां आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसा ही मामला बगवाड़ा-फुलसंगी रोड पर राधा स्वामी सत्संग भवन के पीछे स्थित साई एनक्लेव कॉलोनी का है। वर्ष 2012 में करीब दो एकड़ भूमि पर कॉलोनाइजर जगदीश द्वारा विकसित की गई इस कॉलोनी में आज तक सड़क, नाली, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी बसाते समय बेहतर सुविधाओं और व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र का सपना दिखाया गया था, लेकिन 12 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। कॉलोनी के अधिकांश रास्ते आज भी कच्चे हैं और कहीं भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है।
नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में पानी सड़कों और खाली प्लॉटों में भर जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से कई दिनों तक जलभराव बना रहता है, जिससे लोगों को घरों से निकलने तक में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह कीचड़ और गंदगी फैलने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। निवासियों का कहना है कि बरसात के दौरान बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। कई बार दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं और राहगीर चोटिल हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
कॉलोनी में बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए पार्क की कोई व्यवस्था नहीं है। सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़े गए स्थान भी विकसित नहीं किए गए हैं। ऐसे में बच्चों को सड़कों पर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने कॉलोनी की वैधता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निवासियों का आरोप है कि साई एनक्लेव संबंधित प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृत नहीं है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर माना जाएगा, क्योंकि बिना आवश्यक स्वीकृतियों के विकसित कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भविष्य में प्रशासनिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कॉलोनी के स्वीकृत अथवा अस्वीकृत होने की आधिकारिक स्थिति संबंधित प्राधिकरण के रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर यहां प्लॉट खरीदे और मकान बनाए। लोगों को उम्मीद थी कि समय के साथ सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित हो जाएंगी, लेकिन एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी हालात नहीं बदले। इससे लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विकास प्राधिकरण से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कॉलोनी की वैधता की जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही कॉलोनी में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे, जब वर्षों से उपेक्षित कॉलोनियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साई एनक्लेव के निवासी अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं और चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो।
(नोटरू कॉलोनी के प्राधिकरण से स्वीकृत न होने संबंधी आरोप स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए हैं। इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान के बाद ही की जा सकती है।।
