उत्तराखंड चारधाम यात्रा: केदारनाथ में सबसे ज्यादा 11 लाख पहुंचे तीर्थयात्री! 161 ने गंवाई जान
June 07, 2026
उत्तराखंड में इस वर्ष अप्रैल से शुरू हुई प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार को अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा की शुरुआत से अब तक 31 लाख से अधिक तीर्थयात्री प्रदेश के विभिन्न पावन धामों के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, इस बीच स्वास्थ्य समस्याओं व अन्य कारणों से 161 श्रद्धालुओं की मौत की दुखद खबर भी सामने आई है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए सबसे अधिक 11,05,676 तीर्थयात्री पहुंचे हैं। इसके बाद 23 अप्रैल से शुरू हुई बद्रीनाथ धाम की यात्रा में 9,08,619 श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य धामों की बात करें तो गंगोत्री मंदिर में 5,28,406, यमुनोत्री मंदिर में 5,07,421 और सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में 55,411 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। इसके अतिरिक्त, गौमुख मार्ग पर पहुंचने वाले 4,697 तीर्थयात्रियों की संख्या को गंगोत्री के आंकड़ों में ही शामिल किया गया है।
चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। केवल शनिवार को ही 61,262 तीर्थयात्री 5,511 वाहनों में सवार होकर विभिन्न धामों में पहुंचे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस साल यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 2,89,918 वाहनों ने यात्रा मार्गों का उपयोग किया है, जिससे प्रशासन पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का भारी दबाव है।
एक तरफ जहां यात्रा में आस्था का हुजूम उमड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मौतों का आंकड़ा भी चिंता का विषय बना हुआ है। 19 अप्रैल से अब तक कुल 161 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 152 श्रद्धालुओं की मौत ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य खराब होने और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं (जैसे दिल का दौरा पड़ना या ऑक्सीजन की कमी) के कारण हुई। वहीं, 8 तीर्थयात्रियों की मौत अन्य हादसों और एक व्यक्ति की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई।
आंकड़ों के मुताबिक, दुर्गम और खड़ी चढ़ाई वाले यमुनोत्री मार्ग पर सबसे अधिक 78 श्रद्धालुओं की जान गई है। इसके बाद केदारनाथ में 47, बद्रीनाथ में 20 और गंगोत्री में 16 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी स्वास्थ्य जांच कराने के बाद ही यात्रा पर निकलें।
