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Sonebhadra: परिवहन विभाग बना लूट खसोट का अड्डा ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर हजारों की हो रही है वसूली प्राइवेट मोटर ट्रेंनिग सेंटर कर रहा है शोषण। धर्मवीर तिवारी

पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि आरटीओ द्वारा अप्रूवल देने के नाम पर व्यापक भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

सोनभद्र। परिवहन विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। गाड़ी रजिस्ट्रेशन से लेकर DL बनवाने में बड़ी अनिमितता बरती जा रही है और मनमानी वसूली की जा रही है । जिससे जनता परेशान है।योगी सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता लाने के लिए टेस्ट ड्राइव को अनिवार्य किया था ताकि सही वाहन चालक का लाइसेंस बन सके। लेकिन जिले में पीपीपी मॉडल पर संचालित एटीएस सेंटर, मोटर ट्रेनिंग स्कूल और वाहन फिटनेस जांच प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार एवं मनमानी वसूली के गंभीर आरोप सामने आने के बाद विभाग की कार्यशैली चर्चा का विषय बन गई है।क्षेत्र भ्रमण के दौरान लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर सोमवार को बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और एआरटीओ से मुलाकात कर विभागीय कार्यशैली में सुधार तथा आम जनता को बेहतर सहूलियत देने पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठाते हुए कार्यालय में धन उगाही का आरोप भी लगाया पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी का कहना है कि एआरटीओ कार्यालय में शासन के मंशा के विपरीत कार्य कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ बिना घूस के कोई काम नहीं हो रहा है, चाहे लाइसेंस बनवाना हो या फिर परिवहन विभाग से सम्बन्धित कोई काम हो। श्री तिवारी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर ट्रेनिंग सेंटर द्वारा खुलेआम घूस लिया जा रहा है और शिकायत करने पर कोई सुनवाई भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले व्यक्ति को बार बार परेशान किया जा रहा है ताकि वह मजबूरी में घूस दे सके। वही आरटीओ विभाग में कर्मचारी कम दलाल ज्यादा घूम करके काम करवा रहे हैं और मोटी रकम ले रहे है।
इतना ही नहीं ड्राइविंग पास होने के बाद भी सर्टिफिकेट के नाम पर घूसखोरी, आरटीओ द्वारा अप्रूवल देने के नाम पर घूसखोरी ली जा रही है और यह सब आरटीओ के संरक्षण में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है । 
पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई एजेंसियों के 6 माह से रजिस्ट्रेशन नहीं दिए हैं। लगभग 500 रजिस्ट्रेशन पेंडिंग है। अगर कोई वाहन स्वामी अपना रिफ्लेक्टर लेकर कार्यालय जा रहा है तो उसे मान्य नहीं किया जा रहा । फिटनेस सेंटर से ऊंचे दाम पर रिफ्लेक्टर लाने पर ही उसे मान्य किया जा रहा है। 
उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। श्री तिवारी ने कहा कि यदि समय रहते विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया तो आमजन का सरकारी तंत्र से विश्वास कमजोर होगा, जिसका सीधा असर शासन की छवि पर पड़ेगा। साथ में सत्येंद्र आर्य लालू प्रजापति आनंद मिश्रा योगेश सिंह आशु विश्वकर्मा आदि लोग थे।

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