महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला! POSH पॉलिसी की जांच के लिए अधिकारी नियुक्ति
May 15, 2026
महाराष्ट्र के नासिक आईटी कंपनी मामले में महिलाओं के साथ वर्कप्लेस पर शोषण केस के बाद महाराष्ट्र सरकार ने वर्किंग प्लेस पर महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर लिया बड़ा फैसला लिया है। संस्थानों में POSH पॉलिसी का पालन हो रहा है, या नहीं जांचने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जांच के दौरान यदि कोई त्रुटि पाई जाती है, तो जांच अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार POSH Act 2013 की धारा 26 के अंतर्गत संबंधित संस्थानों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, अधिकारी वर्किंग प्लेस पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण (प्रतिषेध, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act 2013) की धारा 25 के अनुसार, इस कानून के क्रियान्वयन के संदर्भ में शासन संबंधित संस्थानों अथवा जिला अधिकारियों से जानकारी मांग सकते हैं। साथ ही संस्थानों का निरीक्षण भी कर सकता है।
महाराष्ट्र राज्य में निजी और सरकारी, अर्धसरकारी संस्थानों, महामंडलों आदि की व्यापक संख्या को ध्यान में रखते हुए POSH Act 2013 की धारा 25 के अंतर्गत जांच/निरीक्षण करने हेतु अधिकारियों को अधिकृत करने का विषय शासन के विचाराधीन था।
इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने अभी हाल में ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) को 'यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम' (POSH Act) का पालन न करने के आरोप में कड़ी फटकार लगाई। आयोग ने जांच में पाया कि TCS के नासिक स्थित दफ़्तर में बड़े पैमाने पर उत्पीड़न, धार्मिक अपमान, सुनियोजित दादागिरी और डर व दबाव का माहौल बना हुआ था।

