दिल्ली की तपती धूप ने फीका किया पर्यटन का रंग! घटती भीड़ से चिंता बढ़ी
May 01, 2026
राजधानी में बढ़ती गर्मी का असर अब सिर्फ लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यटन पर भी साफ दिखाई देने लगा है. चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के कारण ऐतिहासिक स्थलों पर सन्नाटा पसरने लगा है. विदेशी पर्यटक भी इन दिनों दिल्ली आने से कतराते नजर आ रहे हैं.
प्रमुख स्मारकों पर इन दिनों पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. लाल किला, कुतुब मीनार, सफदरजंग का मकबरा और जंतर-मंतर जैसे चर्चित स्थल, जो आमतौर पर पर्यटकों से भरे रहते थे, अब पहले की तुलना में काफी खाली नजर आ रहे हैं. खासकर कुतुब मीनार, जहां कभी हजारों पर्यटक रोज पहुंचते थे, अब आधी संख्या तक सिमट गया है.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, पहले जहां रोजाना 7 से 8 हजार लोग कुतुब मीनार देखने आते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 3500 से 4000 के बीच रह गई है. विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी भी काफी कम हो गई है, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल की रौनक फीकी पड़ गई है.
सफदरजंग के मकबरे पर भी गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है. जहां पहले हर दिन 500 से 600 पर्यटक पहुंचते थे, अब मुश्किल से 200 लोग ही यहां आ रहे हैं. एक स्थानीय पर्यटक ने बताया कि उन्होंने दोस्तों के साथ घूमने का प्लान पहले ही बना लिया था, लेकिन तेज गर्मी के कारण ज्यादा देर रुकना संभव नहीं हो पाया इसलिए वे जल्दी लौट रहे हैं.
इन दिनों पर्यटन स्थलों का दृश्य बदला हुआ नजर आ रहा है. जहां पहले सुबह से ही भीड़ जुट जाती थी, अब दोपहर के समय लगभग सन्नाटा रहता है. अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी से बचने के लिए लोग अब शाम के समय ही घूमने निकल रहे हैं, जिससे शाम के वक्त थोड़ी हलचल देखने को मिलती है
दिल्ली चिड़ियाघर की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है. यहां आने वाले लोगों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है. पहले सप्ताहांत पर जहां 10 से 12 हजार लोग पहुंचते थे, अब यह आंकड़ा घटकर करीब 2000 रह गया है. वहीं कार्यदिवसों में यह संख्या महज 1000 से 1500 के बीच सिमट गई है.
पर्यटन के आंकड़े इस गिरावट को साफ बयां करते हैं. कुतुब मीनार पर पहले 7 से 8 हजार पर्यटक आते थे, जो अब 3500 से 4000 रह गए हैं. सफदरजंग मकबरे में 500 से 600 की जगह अब करीब 200 लोग पहुंच रहे हैं. हुमायूं के मकबरे में भी संख्या 6 से 7 हजार से घटकर 4 से 4500 के आसपास रह गई है. चिड़ियाघर में भी पहले 5 से 7 हजार की तुलना में अब केवल 1000 से 1500 लोग ही पहुंच रहे हैं.
स्पष्ट है कि दिल्ली की बढ़ती गर्मी ने पर्यटन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटन उद्योग को और नुकसान झेलना पड़ सकता है.
