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कन्नौजः अधिकारियों पर लगाया आर्थिक एवं मानसिक शोषण का आरोप! उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री ने मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र


गुरसहायगंज/ कन्नौज। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील सिन्हा ने कन्नौज शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर विद्यालयों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि असामाजिक और शिक्षा विरोधी  लोगों की शिकायत पर जांच के नाम पर प्रताड़ित करना आर्थिक और मानसिक शोषण करना न्यायोचित नहीं है इस पर रोक ना लगाई गई तो शिक्षक संघ इसका विरोध करेगा।

रविवार को उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के संगठन मंत्री सुनील सिन्हा द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि कुछ शिक्षा विरोधी लोगों द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध अनावश्यक शिकायत दर्ज  करवाई जाती है जिसके आधार पर अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जांच के नाम पर आर्थिक शोषण और मानसिक प्रताड़ना प्रारंभ कर दी जाती है विद्यालय बंद करने की साजिश और कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाती है उन्होंने कहा कि जनपद कन्नौज के ब्लाक तालग्राम मे राजकुमारी मेवाराम आदर्श विद्यालय डम्बरपूर्वा अमोलर जिसकी प्राथमिक स्तर की मान्यता  पत्रांक माध्यमिक शिक्षा परिषद 128 दिनांक 30 अप्रैल 2018 से कक्षा 6 से 10 तक मान्यता प्राप्त है उक्त विद्यालय सुचारू रूप से संचालित है विद्यालय मे अध्यनरत किसी छात्र-छात्रा अभिभावक एवं कार्यरत कर्मचारियों की कोई शिकायत नहीं है किंतु बदन सिंह नामक किसी व्यक्ति द्वारा विद्यालय की शिकायत करने पर स्कूल के विरुद्ध अनावश्यक जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है खंड शिक्षा अधिकारी तालग्राम रमेश चंद्र चैधरी ने नैतिकता बस विद्यालय को बचाने का प्रयास किया तो उनको अनावश्यक रूप से निलंबित कर दिया गया है मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र मे उन्होंने कहा कि एक ही प्रबंध समिति द्वारा संचालित विभिन्न परिषदों से मान्यता प्राप्त उत्तर प्रदेश के हजारों विद्यालय तथा राजकीय सहायता प्राप्त और परिषदीय विद्यालय प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक एक ही प्रांगण मे संचालित हो रहे हैं अधिकांश का यू डायस नंबर भी एक कर दिया गया है विद्यालय के संचालन मे प्रबंधन समितियां को अपने खून पसीने की कमाई का करोड़ों रुपया दान के रूप में देकर भूमि और भवन की व्यवस्था करना होता है कठिन परिश्रम और त्याग के बाद विद्यालय का संचालन प्रारंभ होता है हजारों बच्चों को शिक्षित करते हुए समाज के मुख्य धारा मे जोड़ने का कार्य मान्यता प्राप्त विद्यालय करते हैं ऐसे मे किसी एक व्यक्ति द्वारा जिसका कोई योगदान समाज में अथवा शिक्षा के क्षेत्र मे नहीं है इसकी शिकायत पत्र के आधार पर विद्यालय को बंद करना या विद्यालय के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करना उसको  प्रताड़ित करना आर्थिक और मानसिक शोषण करना न्याय उचित नहीं है संगठन मंत्री  सुशील सिन्हा ने कहा कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेकर शिकायतकर्ता की विधिवत जांच कराई जाए तथा उसकी चल अचल संपत्ति से उक्त विद्यालय के अवशेष भवन का निर्माण करने हेतु आदेशित किया जाए ताकि मान्यता प्राप्त संचालित विद्यालय के प्रबंध का उत्पीड़न रोका जा सके।

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