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कश्मीर घूमने जाने वालों के लिए जरूरी सूचना! एशिया की सबसे बड़ी चेयर कार गोंडोला सर्विस एक सप्ताह के लिए बंद


कश्मीर का ताज कहे जाने वाले गुलमर्ग से पर्यटकों के लिये एक निराश करने वाली खबर आई है। पर्यटन निदेशक कश्मीर ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए गोंडोला की सेवाओं को लगभग एक हफ़्ते तक निलंबित रखने की घोषणा की है। यह फैसला कल गोंडोला केबल कार में तकनीकी खराबी आने के बाद लिया गया है।

गोंडोला फेज वन के कंगडोरी स्टेशन पर चेयर कार के गियरबॉक्स में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसे आमतौर पर "G2" कहा जाता है। इसके कारण अधिकारियों को चेयर कार का संचालन रोकना पड़ा और फंसे हुए पर्यटकों को बचाने के लिए एक बचाव अभियान शुरू करना पड़ा।

पर्यटन निर्देशक ने कहा हमें खेद के साथ यह घोषणा करनी पड़ रही है कि पर्यटकों की सुरक्षा के हित को देखते हुए हमे गोंडोला को लगभग एक हफ़्ते तक बंद रखना होगा। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद, संचालन फिर से शुरू किया जाएगा। सुरक्षा और संरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि खराबी सामने आने के बाद अधिकारियों के पास दो विकल्प थे। या तो खराब गियरबॉक्स की मरम्मत की जाए या हवा में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए एक आपातकालीन बचाव अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा विस्तृत चर्चा के बाद हमारी प्राथमिकता पर्यटकों के जीवन की रक्षा करना थी। हमने बचाव प्रणाली के माध्यम से तुरंत बचाव अभियान शुरू करने का निर्णय लिया। छह विशेष बचाव दल गठित किए गए और उन्हें गोंडोला लाइन के ऊपरी, मध्य और निचले हिस्सों में तैनात किया गया। यह अभियान J&K पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियों के सहयोग से चलाया गया।

अभियान में सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। क्षतिग्रस्त गियरबॉक्स का वज़न लगभग 3.6 टन का है और इसे कॉर्पोरेशन को बदलने में लगभग पांच से सात दिन लग सकते हैं। खराबी के कारणों की जांच करने और यह पता लगाने के लिए कि क्या किसी अन्य तकनीकी समस्या ने भी इस घटना में योगदान दिया है। एक आंतरिक तकनीकी समिति का गठन किया गया है।

गुलमर्ग के गोंडोला केबल कार को एशिया का सबसे बड़ा केबल कार माना जाता है और कश्मीर के गुलमर्ग में यह सेवा पर्यटकों की सबसे बड़े आकर्षणों में से एक गिना जाता है। इस चेयर कार के कारण पर्यटक कोंगडोरी और अपरवट्ट जैसी खूबसूरत जगहों की सैर कर पाते हैं जो समंदर से लगभग 10500 फीट की ऊंचाई पर है और 12 महीने वह बर्फ़ से ढके रहते हैं।

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