पीलीभीत। आर्य समाज पीलीभीत के तत्वावधान में श्री दुग्धेश्वर संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय आवासीय बाल प्रशिक्षण शिविर का रविवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उनके आगमन पर आर्य समाज के पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर, पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
शिविर के समापन अवसर पर बाल प्रतिभागियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण, योग प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अभिभावकों एवं अतिथियों ने बच्चों के आत्मविश्वास और अनुशासन की सराहना की।
आर्य उप प्रतिनिधि सभा के प्रधान मोहन स्वरूप ने बताया कि 25 मई से प्रारंभ हुए इस सात दिवसीय शिविर में 58 बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों को वैदिक संस्कृति, नैतिक शिक्षा, योग, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास तथा राष्ट्र सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया गया।
समारोह में राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को स्मृति चिन्ह एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और अपने संस्कारों को बनाए रखने का संदेश दिया।
अपने संबोधन में राज्य मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है। प्राकृतिक खेती से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वस्थ समाज का निर्माण भी संभव है।
राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने कहा कि आज के समय में बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। वैदिक परंपराएं और भारतीय संस्कृति बच्चों में अनुशासन, नैतिकता, राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि जिस समाज की युवा पीढ़ी संस्कारित और चरित्रवान होती है, वह समाज और राष्ट्र निरंतर प्रगति करता है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
समापन समारोह में आर्य उप प्रतिनिधि सभा के मंत्री भूपराम वेदांती, आर्य समाज के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रोच्चारण एवं आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
