अखिलेश यादव जी ट्वीट, एसी और पीसी के नेता-ओपी राजभर
May 06, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुभासपा के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव को ट्वीट, AC और PC यानि प्रेस कॉन्फ्रेंस वाला नेता बताया है। उन्होंने दावा किया कि 2027 चुनाव के बाद अखिलेश की राजनीति खत्म हो जाएगी और अखिलेश लंदन चले जाएंगे। आपको बता दें कि बंगाल में TMC की करारी हार हुई है जिसके बाद इंडी अलायंस के नेताओं ने ममता बनर्जी को फोन किया। इसमें एक नाम अखिलेश यादव का भी है। ये बात खुद ममता बनर्जी ने बताई है। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव आज ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता जा सकते हैं। पिछले 4 महीने में अखिलेश ममता की ये दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले 27 जनवरी को चुनाव शुरु होने से पहले अखिलेश ने ममता से मुलाकात की थी। इसी को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश याजव पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा- "ममता बनर्जी हफ्तों इंतजार करती रहीं कि अखिलेश यादव अब आएंगे तब आएंगे। अखिलेश यादव नहीं गए। भयानक गर्मी में अखिलेश निकलते कहां हैं। कैसे रैलियां और रोड शो करेंगे? पसीना निकलेगा, गर्मी लगेगी। सुबह उठना भी पड़ेगा। सबसे अच्छा काम यह है कि दोपहर में उठने के बाद एक ट्वीट कर देना। यह काम अखिलेश यादव ने बिना नागा किया है। अब बंगाल भी जा रहे हैं। अब रैली तो करनी नहीं है। एसी की ठंडक में बैठकर ममता जी को ढांढस देंगे। और गुजारिश करेंगे कि ममता जी पिछले चुनाव की तरह आप मेरे समर्थन में यूपी जरूर आना।"
ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा- "बंगाल में ममता जी से मुलाकात के जरिए अखिलेश जी यूपी को संदेश देंगे कि सब EVM की वजह से हो रहा। अखिलेश यह सब अपने लिए कर रहे हैं ताकि 2027 में जब वे हारे तो EVM पर ठीकरा फोड़ सके। लेकिन शहजादों को याद रखना चाहिए कि अब जनता सिंहासन पर विराजमान है। जहां भी सिंहासन खाली नहीं हो रहा, जनता ने नारा दे दिया है कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।"
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भी ओपी राजभर ने अखिलेश पर निशाना साधा था। राजभर ने कहा था- "अखिलेश यादव जी ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं। उनको लेकर मेरे मन में कभी संदेह नहीं रहता। बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर मेरे मन में कोई संदेह नहीं था। जिस दिन अखिलेश यादव जी ने ट्वीट कर ममता दीदी के जीत की मुनादी शुरू की, उसी दिन पक्का हो गया था कि वे हारने जा रही हैं। अखिलेश जी ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का समर्थन किया वो हार गए। दिल्ली में केजरीवाल की सरकार का समर्थन कर रहे थे, हार गए। तेजस्वी यादव के लिए गांव-गांव घूमे। तेजस्वी हार गए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनवा रहे थे वह भी पराजित हुए।"
