मौलाना ने की प्रशासन से मांग! कहा-कांवड़ यात्रा के लिए सड़क बंद हो सकती है तो ईद के लिए क्यों नहीं
May 15, 2026
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ईद-उल-अजहा से पहले धार्मिक आयोजनों में प्रशासनिक रवैये को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने सरकार के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” नारे पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि अगर कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कें बंद की जा सकती हैं, तो ईद की नमाज के लिए डेढ़ घंटे का समय देने में आखिर दिक्कत क्या है। मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने तीखे लहजे में कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन खुद एक तरफ का रास्ता बंद कर श्रद्धालुओं को निर्बाध आवागमन की सुविधा देता है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस व्यवस्था से कोई आपत्ति नहीं, बल्कि वह इसका समर्थन करते हैं क्योंकि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने की स्वतंत्रता और सुविधा मिलनी चाहिए। लेकिन सवाल तब उठता है जब मुसलमानों की ईद की नमाज को लेकर सख्ती दिखाई जाती है और सड़क पर नमाज की अनुमति तक नहीं दी जाती।
मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने कहा कि "ईद साल में सिर्फ दो बार आती है और नमाज अधिकतम एक से डेढ़ घंटे तक चलती है। ऐसे में प्रशासन अगर थोड़े समय के लिए ईदगाह वाले रास्ते को नियंत्रित कर दे तो इससे किसी को बड़ी परेशानी नहीं होगी। मुफ्ती ने उदाहरण देते हुए कहा कि शहर में रेलवे रोड निर्माण के चलते कई दिनों तक ट्रैफिक डायवर्ट रहता है और सड़कें बंद रहती हैं, फिर धार्मिक आयोजन के लिए सीमित समय की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती।"
मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने प्रशासन से मांग की कि ईदगाह मार्ग को नमाज के दौरान अस्थायी रूप से ट्रैफिक मुक्त किया जाए, ताकि मुस्लिम समुदाय को भी समान व्यवहार का एहसास हो सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर औपचारिक मांग रखी जाएगी।
ईद-उल-अजहा से पहले सड़क पर नमाज और ईदगाह मार्ग पर ट्रैफिक रोकने की मांग को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल नबी के बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे शहर के सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। विहिप के ब्रज प्रांत मीडिया प्रमुख प्रतीक रघुवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सड़क पर नमाज की मांग पूरी तरह अनुचित है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। प्रतीक रघुवंशी ने कहा कि "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में बार-बार इस तरह की मांग उठाना शासन के आदेशों की खुली अवहेलना है।"
प्रतीक रघुवंशी ने आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा से तुलना कर माहौल को जानबूझकर विवादित बनाने की कोशिश की जा रही है। विहिप नेता ने कहा कि कांवड़ यात्रा एक लंबी धार्मिक यात्रा होती है, जिसके लिए प्रशासन सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था करता है, जबकि सड़क पर नमाज की मांग को उससे जोड़ना दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुछ लोग शहर की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
