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लखनऊ: फिर सियासत के शिकार हुए सज्जन लोग! चंद नेताओं के इशारे पर माहौल खराब


हरदोई (ब्यूरो)।  बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के महुआ कोला गांव में बिना प्रशासनिक अनुमति के भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर उपजा विवाद बुधवार देर रात हिंसक बवाल में बदल गया। प्रतिमा हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम पर भीड़ ने अचानक भारी पथराव कर दिया, जिसमें दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए और सरकारी वाहनों को भारी क्षति पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और माहौल पूरी तरह नियंत्रण में है।

​बिना अनुमति स्थापना के बाद उपजा तनाव

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, महुआ कोला गांव के निवासी पुत्तीलाल मौर्य की निजी भूमि पर बने एक मंदिरनुमा ढांचे में बुधवार (27 मई 2026) को लखनऊ से आए कुछ बौद्ध अनुयायियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर भगवान बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। बिना अनुमति नई प्रतिमा रखने की सूचना जैसे ही प्रशासन को मिली, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (संडीला) नारायणी भाटिया, सीओ हरियावां अजीत सिंह और बेनीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

​दिन से लेकर रात करीब 11 बजे तक प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों और बौद्ध प्रतिनिधियों के साथ शांतिपूर्ण वार्ता की और विधिक प्रक्रिया के तहत अनुमति लेकर प्रतिमा स्थापित करने की समझाइश दी।

​देर रात अचानक भड़की हिंसा, पुलिसकर्मी घायल

​वार्ता विफल होने के बाद जब राजस्व और पुलिस टीम ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिमा को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, तब भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने ग्रामीणों को उकसा दिया। देखते ही देखते अंधेरे का फायदा उठाकर टीम पर भारी पथराव शुरू हो गया। इस अचानक हुए हमले में महिला कांस्टेबल भावना और सिपाही अतुल गंभीर रूप से घायल हो गए। उपद्रवियों ने कई सरकारी और निजी वाहनों के शीशे भी तोड़ डाले।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक (SP) अशोक कुमार मीणा भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को ही मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। विवादित प्रतिमा को सुरक्षित हटाकर बेनीगंज कोतवाली में रखवा दिया गया है।

​दो FIR दर्ज, 11 उपद्रवी भेजे गए जेल

​पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में बेनीगंज पुलिस द्वारा दो अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।

​"इस मामले में कुल 38 लोगों को नामजद और 30 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब तक 11 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य दोषियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।" 

 अशॉक कुमार मीणा, एसपी हरदोई

​भ्रामक अफवाहों पर प्रशासन की सख्त चेतावनी

​इस बीच, सोशल मीडिया पर पास के ही एक चौराहे से अशोक स्तंभ हटाए जाने जैसी भ्रामक खबरें फैलाई जा रही थीं। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि चौराहे पर केवल नगर निकाय द्वारा सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है, स्तंभ हटाने की बात पूरी तरह झूठ है। उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल बिगाड़ने की नीयत से सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​गांव का पुराना विवादित इतिहास

​प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, महुआ कोला गांव में प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद का यह तीसरा मामला है। इससे पहले वर्ष 2011 और फिर जून 2023 में भी इसी स्थान पर बिना अनुमति प्रतिमा रखने को लेकर बवाल हो चुका है, जिसके चलते प्रशासन इस बार पूरी सतर्कता बरत रहा है। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में पुलिस और पीएसी बल की गश्त जारी है।


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