नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! परीक्षा सुधारों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और मॉनिटरिंग कमेटी से मांगा जवाब
May 25, 2026
नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने 2024 में हुए पेपर लीक की चर्चा करते हुए कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया. जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA से मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा. साथ ही, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए गठित राधाकृष्णन कमेटी को भी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया.
सुप्रीम कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 29 मई को होगी. जजों ने सभी याचिकाओं की एक कॉपी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को सौंपने का भी आदेश दिया ताकि वह कोर्ट की सहायता कर सकें. कोर्ट ने कहा कि NTA के हलफनामे में हाई पावर्ड कमेटी की सिफारिशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों का पूरा ब्योरा होना चाहिए.
मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाला नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) इस साल 3 मई को आयोजित किया गया था. पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया. 21 जून को दोबारा परीक्षा के आयोजन की घोषणा की गई है.
परीक्षा के आयोजन में NTA की नाकामी का विरोध करते हुए फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रवक्ता ध्रुव चौहान समेत कुछ याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. इन याचिकाओं में 21 जून को होने वाली परीक्षा को पेन-पेपर की बजाय कंप्यूटर से करवाने, नई परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड कमेटी की निगरानी में करवाने की मांग की गई है. साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग कर नई संस्था के गठन की मांग की गई है.
सोमवार, 25 मई को हुई सुनवाई में जजों ने याचिका में रखी गई मांगों पर कोई टिप्पणी की. बेंच के अध्यक्ष जस्टिस नरसिम्हा ने याद किया कि 2024 में नीट-यूजी पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया था. कोर्ट ने कहा कि वह NTA और राधाकृष्णन कमेटी का जवाब देखना चाहता है. उसके बाद कोई आदेश पारित किया जाएगा.

