स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर अटैक पूरी तरह गलत-भारत
May 17, 2026
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कॉर्मिशियल जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, आम चालक दल की जान को खतरे में डालना और समुद्री रास्तों की आजादी में रुकावट पैदा करना पूरी तरह अस्वीकार्य है.
हरीश ने यह बयान संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद की विशेष बैठक में दिया. यह बैठक ऊर्जा और आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर आयोजित की गई थी. उनका बयान ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले के कुछ दिनों बाद आया है.
ओमान के अधिकारियों ने जहाज पर मौजूद सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था. हालांकि हमला किसने किया, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. यह जहाज सोमालिया से आ रहा था. पर्वतनेनी हरीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से ऊर्जा और उर्वरक संकट पैदा हो गया है. इस स्थिति से निपटने के लिए दुनिया के देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सिर्फ तुरंत उठाए जाने वाले कदम ही नहीं, बल्कि लंबे समय के समाधान भी जरूरी हैं.
पर्वतनेनी हरीश ने दोबारा कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिजनेस जहाजों को निशाना बनाना और समुद्री मार्गों में बाधा डालना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है. भारत का मानना है कि समुद्री सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए. 13 मई को भारतीय झडे वाले जहाज पर हमला उस समय हुआ, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पहले से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी. यह समुद्री मार्ग ओमान के पास स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण रूट है. दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है.
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी युद्ध के बाद हालात और खराब हो गए हैं. इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया. भारत पहले भी इन हमलों को अस्वीकार्य बता चुका है. रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद भारतीय ध्वज वाले कम से कम दो अन्य जहाजों पर भी हमले हो चुके हैं.

