हाथरस। जनपद के स्थापना दिवस की 29वीं वर्षगांठ पर जहाँ एक ओर उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर राजनैतिक गलियारों में आत्ममंथन की मांग भी उठने लगी है। कांग्रेस नेता चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने जनपदवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जिले की वर्तमान स्थिति पर तीखा प्रहार किया है।
प्रेस को जारी बयान में चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि 29 वर्ष का समय किसी भी जनपद के विकास के लिए पर्याप्त होता है, लेकिन हाथरस आज भी अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ष्यह गंभीर सच्चाई है कि जिला बनने के इतने वर्षों बाद भी हमारे नागरिकों को बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
कांग्रेस सिपाही चन्द्रगुप्त ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिला गठन का मुख्य उद्देश्य जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं प्रदान करना था। यदि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे स्तंभ ही कमजोर रहेंगे, तो विकास की बात बेमानी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय केवल बधाई देने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है।
उन्होंने जनपद के जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों से अपील की है कि वे उत्सवों से ऊपर उठकर जनता की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता दें। हाथरस को वास्तविक रूप से विकसित तभी माना जाएगा जब यहाँ का हर नागरिक अपने ही जिले में सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेगा।
