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अमेठीः ज्ञान भारतम् मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण का अभियान तेज


अमेठी। भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत अमेठी जनपद में प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों की पहचान, संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संजय चैहान की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के ग्राम, ब्लॉक एवं नगर निकाय स्तर पर अभियान चलाकर उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों की जानकारी एकत्रित की जाए। उन्होंने कहा कि मंदिरों, आश्रमों, गुरुकुलों, पुस्तकालयों, निजी संग्रहों तथा अन्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों पर संरक्षित धरोहरों को चिन्हित कर उनका सूचीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यह मिशन केवल पुरानी सामग्री को चिन्हित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप में पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए अधिक से अधिक पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों की जानकारी संकलित की जाए। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के मानकों के अनुसार कम से कम 75 वर्ष पुरानी तथा ऐतिहासिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक अथवा वैज्ञानिक महत्व रखने वाली हस्तलिखित सामग्री को पांडुलिपि की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी सामग्री भारतीय इतिहास, साहित्य, धर्म और सामाजिक संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला पर्यटन अधिकारी सहित संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि पांडुलिपियों से जुड़े कार्य को गंभीरता के साथ लिया जाए और सर्वेक्षण अभियान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिशन के उद्देश्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। बैठक के माध्यम से जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार अथवा संस्था के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ताड़पत्र, दुर्लभ ग्रंथ अथवा ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध हों, तो उनकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि जनपद की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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