लखनऊ: विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर सीएमओ कार्यालय में संगोष्ठी, अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली शपथ
May 30, 2026
लखीमपुर खीरी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने की। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तंबाकू का सेवन न करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने तंबाकू उत्पादों से होने वाले जानलेवा नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने धुआं रहित और धुआं वाले तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों को अलग-अलग रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि धुआं रहित तंबाकू उत्पाद (खैनी, गुटका, पान मसाला आदि) चबाने वाले तंबाकू उत्पादों से मुंह का कैंसर (ओरल कैंसर), जीभ, गले और मसूड़ों की बीमारियां होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यह उत्पाद सीधे तौर पर पाचन तंत्र को भी नुकसान पहुंचाते हैं।धुआं वाले तंबाकू उत्पाद (बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि)रू इनके सेवन से फेफड़ों का कैंसर, क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, दिल का दौरा (हार्ट अटैक) और स्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां होती हैं। यह सीधे तौर पर श्वसन तंत्र को नष्ट कर देता है।सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तंबाकू का धुआं सिर्फ पीने वाले को ही नहीं, बल्कि उसके आसपास रहने वाले लोगों को भी समान रूप से बीमार बनाता है। इसे पैसिव स्मोकिंग कहा जाता है। जन जागरूकता फैलाते हुए उन्होंने कहा कि धूम्रपान करने वालों के संपर्क में आने से निर्दोष लोग भी फेफड़ों और दिल की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।संगोष्ठी में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि यदि कोई गर्भवती माता तंबाकू उत्पादों का सेवन करती है या किसी अन्य के धूम्रपान के धुएं के संपर्क में आती है, तो इसका सीधा और घातक असर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। इससे समय से पहले प्रसव (प्री-मैच्योर डिलीवरी), बच्चे का वजन कम होना और बच्चे में जन्मजात विकृतियां होने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है।कार्यक्रम के दौरान एसीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. आरएम गुप्ता, और डिप्टी सीएमओ व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद वर्मा सहित जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनिल यादव ने भी तंबाकू मुक्ति को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।कार्यक्रम का सफल संचालन विजय वर्मा द्वारा किया गया। संगोष्ठी के अंत में सभी ने जिले को तंबाकू मुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
