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तमिलनाडु विधानसभा में स्टालिन के बेटे ने सनातन धर्म पर दिया विवादित बयान तो भड़की विश्व हिंदू परिषद


विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तमिलनाडु विधानसभा में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिए गए 'सनातन विरोधी' बयान की कड़ी निंदा करते हुए बुधवार को उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़े संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि क्या वह (उदयनिधि) किसी और धर्म के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करने की हिम्मत करेंगे?

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि ने मंगलवार को सनातन धर्म के 'उन्मूलन' की बात कही. उदयनिधि स्टालिन ने दावा किया था कि सनातन धर्म लोगों को विभाजित करता है. उन्होंने सितंबर 2023 में भी ऐसा ही विवादास्पद बयान दिया था. वरिष्ठ अधिवक्ता और विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और हिंदू मान्यताओं का बार-बार अपमान व निंदा करना लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है.

उन्होंने कहा, इस तरह की बेहद आपत्तिजनक और विभाजनकारी टिप्पणियों को विधानसभा के रिकॉर्ड से तुरंत हटा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं. कुमार ने कहा कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर बताना चाहिए कि क्या सरकार सनातन परंपराओं और हिंदू मान्यताओं के सम्मान की पक्षधर है या इस तरह के “विभाजनकारी, दुर्भावनापूर्ण व हिंदू विरोधी बयानों” का समर्थन करती है.

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक संस्थानों से पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है. विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, 'यह बड़ी विडंबना है कि जो परिवार और राजनीतिक दल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से फायदा उठाते हैं, वही खुद सनातन धर्म को खत्म करने की बात कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता प्रदर्शित करना उस स्रोत को ही नकारने के जैसा है, जिससे उन्हें फायदा मिलता है.'

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