उर्जा संकट! भारत जितनी खरीदना चाहेगा, हम उतनी उसे बेचेंगे-मार्को रुबियो
May 22, 2026
अमेरिका ने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भारत जितनी ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उतनी बेचने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर लगातार बातचीत चल रही है। मियामी में रुबियो ने कहा, 'हम भारत को उतनी ऊर्जा बेचना चाहते हैं, जितनी वह खरीदना चाहे। अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है।'
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का दौरा करेंगे। उनके कार्यक्रम में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा शामिल है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिकी ऊर्जा को अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी अवसर मौजूद हैं। रुबियो ने कहा, 'हम भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाना चाहते हैं। इस दिशा में पहले से बातचीत चल रही है। हमें लगता है कि वेनेजुएला के तेल को लेकर भी संभावनाएं हैं।'
रुबियो ने यह भी माना कि भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर तरीके से संभाल रहा है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है और भारत इस चुनौती से निपटने के लिए अलग-अलग विकल्प तलाश रहा है। भारत-अमेरिका संबंधों की तारीफ करते हुए रुबियो ने भारत को 'महान सहयोगी और मजबूत साझेदार' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं और उनका भारत दौरा बेहद महत्वपूर्ण है।
रुबियो ने कहा, 'भारत हमारा शानदार साझेदार है। हम साथ मिलकर कई अच्छे काम कर रहे हैं। इसलिए यह यात्रा हमारे लिए अहम है और बातचीत के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।' रुबियो ने यह भी बताया कि नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी होगी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक भी QUAD देशों के साथ ही हुई थी और अब भारत में फिर यह बैठक होना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में एक और क्वाड बैठक आयोजित की जाएगी।
QUAD समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर काम करता है। रुबियो ने यह भी जानकारी दी कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत का दौरा कर सकती हैं। उनके अनुसार, इससे भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं। अमेरिका का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

