हाथरस। आगरा रोड स्थित कंचन नगर में अधिक मास के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यास के रूप में पधारे सुप्रसिद्ध भागवत आचार्य पंडित मनोज द्विवेदी अपने श्रीमुख से अमृतमयी कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा की मुख्य परीक्षित श्रीमती सरोज गुप्ता हैं, जो सपरिवार व्यवस्थाओं में जुटी हुई हैं।
इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष (कासगंज), कोऑर्डिनेटर एवं ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य अपने साथियों के साथ कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने पूर्ण श्रद्धा भाव से भागवत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने भागवत आचार्य पंडित मनोज द्विवेदी जी को पीत वस्त्र ओढ़ाकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका भव्य सम्मान किया।
कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा, ष्अधिक मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को नई दिशा देने का कार्य करता है। आज के भौतिकवादी युग में जहां मनुष्य तनाव, स्वार्थ और भटकाव से घिरता जा रहा है, वहीं भागवत कथा हमें प्रेम, सेवा, संस्कार और मानवता का संदेश देती है।ष् उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत कर परिवार और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। हमें अपनी सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर ऐसे आयोजनों से जुड़ना चाहिए।व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को निहाल करते हुए भागवत आचार्य पंडित मनोज द्विवेदी ने कहा ष्भागवत केवल कथा नहीं, जीवन को सुधारने का दिव्य मार्ग है, जहां भगवान का स्मरण हो, वहीं सच्चा स्वर्ग और भाग्य है।जिस घर में भागवत की ध्वनि गूंजती रहती है,वहां सुख, शांति और ईश्वर कृपा सदैव बनी रहती है।इस पावन आयोजन की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में भगवती प्रसाद ओझा, राकेश कुमार शर्मा, श्याम सुंदर राठौर, संजय गुप्ता, प्रदीप कुमार पांडा, अशोक कुमार यादव, अशोक कुमार शर्मा, मुन्नालाल एडवोकेट, रमेश चंद शर्मा, जीवनलाल शर्मा, शिव कुमार गुप्ता और शिवम गुप्ता आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।इस अवसर पर पंडित अविनाश चंद्र पचैरी, जयशंकर पाराशर, कपिल नरूला, जयवीर सिंह चैधरी, गंगा सहाय उपाध्याय, बबलू, श्यामबाबू, चिंतन, सुरेश शर्मा, रामवीर शर्मा सहित इलाके के अनेक गणमान्य लोग और सैकड़ों की संख्या में माताएं-बहनें व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

