नीट पेपर लीक केस: शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का विरोध कर दिखाए काले झंडे
May 14, 2026
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है. इसी बीच गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अहमदाबाद दौरे के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. बताया जा रहा है कि पेपर लीक विवाद के बाद उनका यह दौरा काफी गोपनीय रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद विरोध की आशंका पहले से जताई जा रही थी. नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसके चलते प्रशासन पहले से सतर्क हो गया.
जब मंत्री का काफिला वहां पहुंचा, तो कुछ कार्यकर्ताओं ने उसे रोकने की कोशिश की. हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रित किया. इस बीच महाराष्ट्र पुलिस ने बुधवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले से कथित तौर पर जुड़े होने के आरोप में राज्य के विभिन्न हिस्सों से दो लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें एक महिला ब्यूटीशियन भी शामिल है.
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों पुणे में पकड़ी गई महिला और अहिल्यानगर में गिरफ्तार किए गए पुरुष को आगे की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया गया. यह कार्रवाई नासिक जिले में शुभम खैरनार (30) की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई, जिस पर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के पेपर लीक में भूमिका होने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा वाघमारे नाम की महिला को हिरासत में लिया गया, जो पेशे से ब्यूटीशियन हैं. पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि उनसे पूछताछ के बाद उन्हें सीबीआई को सौंप दिया गया है, हालांकि मामले में उनकी सटीक भूमिका का खुलासा नहीं किया गया है.
इसी तरह, अहिल्यानगर जिले के राहुरी निवासी 26 वर्षीय धनंजय निवृत्ति लोखंडे को भी हिरासत में लेकर सीबीआई को सौंपा गया है और उसकी भूमिका की जांच जारी है. इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों के बाद तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया है

