पीलीभीत। जिले से बड़े पैमाने पर बाहर भेजे जा रहे भूसे को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने चिंता जताई है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर भूसे के बाहरी परिवहन पर रोक लगाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि जिले की विभिन्न गौशालाओं में हजारों निराश्रित गोवंशों का संरक्षण किया जा रहा है और उनके लिए भूसा मुख्य चारे के रूप में उपयोग होता है। ऐसे में बाहरी व्यापारियों द्वारा गांव-गांव जाकर बड़ी मात्रा में भूसा खरीदने से आने वाले समय में चारे का संकट खड़ा हो सकता है।
हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि दूसरे जनपदों के व्यापारी किसानों को अधिक कीमत का लालच देकर भूसा खरीद रहे हैं। इसके बाद ट्रॉली और बड़े वाहनों के जरिए इसे जिले से बाहर भेजा जा रहा है, जहां ऊंचे दामों पर बिक्री की जा रही है।
संगठन का कहना है कि यदि इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो बरसात और गर्मी के मौसम में गौशालाओं में गोवंशों के सामने चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।
ज्ञापन में कहा गया कि रात के समय बड़ी संख्या में भूसे से भरे वाहन जिले की सीमाओं से बाहर जाते देखे जा रहे हैं। इससे स्थानीय गौशाला संचालकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है।
संगठन ने प्रशासन से मांग की कि जिले की सीमाओं पर पुलिस चैकियों और थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही बिना अनुमति भूसा परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हिंदू महासभा ने प्रशासन को सुझाव दिया कि यदि अवैध रूप से भूसा ले जाते वाहन पकड़े जाते हैं तो उसमें मौजूद भूसा जिले की गौशालाओं को उपलब्ध कराया जाए, ताकि गोवंशों के लिए चारे की कमी न हो।
संगठन ने उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर निगरानी तंत्र मजबूत करने की भी मांग की।
ज्ञापन देने वालों में युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश अग्निहोत्री, युवा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र मौर्य, सर्वेश कश्यप, राहुल राठौर, कृष्ण कहानी, मनोज वर्मा, सुनील कुमार, चेतन श्रीवास्तव, गंगा प्रसाद, यज्ञ स्वरूप, प्रमोद कश्यप, अनिल कुमार, भगवान दास और राहुल रत्नाकर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

