प्रतापगढ़। जनपद में पट्टी तहसील क्षेत्र के मंगरौरा ब्लाक व कोहड़ौर थानांतर्गत ग्रामसभा शंकर पुर पूरे दयाल गांव में सरकारी तालाब के भीतर खड़े दशकों पुराने नीम,आम व महुआ के पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। गांव निवासी चन्द्रशेखर मिश्र ने पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान, राजस्व कर्मी व ठेकेदार व स्थानीय पुलिस पर मिलीभगत कर पेड़ कटवाने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रामसभा शंकरपुर गांव पूरेदयाल की गाटा संख्या 70 ख की भूमि सरकारी अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है। तालाब के भीतर करीब 60 से 100 वर्ष पुराने आम,नीम व महुआ के पेड़ सहित कुल 9-10 पेड़ खड़े थे, जिनमें से पांच पेड़ कथित रूप से कटवा दिए गए। आरोप है कि ग्राम प्रधान व राजस्व कर्मी व पुलिस विभाग की मिलीभगत से पेड़ों की कटान कर लकड़ी बेच दी गई, जिसकी कीमत करीब 2.25 लाख रुपये बताई जा रही है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि वन विभाग की रिपोर्ट में पेड़ खरीदने वाले ठेकेदार का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मौके पर जाकर पेड़ कटान का वीडियो बनाया तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।बता दें कि 10 फरवरी से ही पेड़ का कटान जारी था प्रार्थी को मामले की जानकारी 20 फरवरी 2026 को हुई जब लोग दोबारा बचे हुए पेड़ काटने पहुंचे। मामले में लोगों द्वारा सूचना डायल 112 नंबर पर पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कटान रुकवाया। प्रार्थी के बताने के अनुसार मजे की बात ये है उस दौरान डायल 112 के कर्मियों ने कोहड़ौर थाना के उस हल्का के एसआई से बात भी करवाई तो उन्होंने प्रार्थी से कहा कि आपको क्या दिक्कत है पेड़ कटने से , एसआई की उक्त बातों से समझा जा सकता है कि पुलिस के संरक्षण में ही पेड़ कटान का कार्य किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि मामले की शिकायत जिलाधिकारी, तहसील, वन विभाग, पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल तक की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल और पुलिस द्वारा मामले में लापरवाही बरती गई तथा उनका बयान तक दर्ज नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए ग्राम प्रधान, लेखपाल और पेड़ कटान में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा जांच किसी अन्य थाने से कराए जाने की मांग की है।

