मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में विकास भवन में ग्राम्य विकास, पंचायती राज, वन एवं पशुधन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समय से कार्यालय उपस्थित होने और जनसुनवाई के दौरान फरियादियों के साथ संवेदनशीलता व सकारात्मक व्यवहार करने की कड़ी हिदायत दी।
मनरेगा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने तथा सोशल ऑडिट में पारदर्शिता के लिए एडीओ पंचायत को शामिल करने के निर्देश दिए। वहीं, सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा में 343 में से मात्र 60 इकाइयां क्रियाशील मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस माह के अंत तक कम से कम 200 इकाइयों को हर हाल में क्रियाशील किया जाए।
पंचायती राज विभाग को ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या बढ़ाने और सामुदायिक शौचालयों के केयरटेकरों का मानदेय समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जर्जर पंचायत भवनों की सूची तैयार करने, स्वयं सहायता समूहों का ई-केवाईसी पूर्ण करने और पशुपालन विभाग को नई गौशालाओं के लिए भूमि चिह्नित करने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विवेक श्रीवास्तव सहित।

