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लखनऊः डीपीआरए की फार्मासिस्ट संवर्ग की मांगों का विस्तृत प्रस्ताव महानिदेशक कार्यालय से निकल कर शासन की दहलीज पर पहुंचने की कगार पर


लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन (डीपीआरए) उत्तर प्रदेश के लंबे संघर्ष और मजबूत पैरवी के फलस्वरूप फार्मासिस्ट संवर्ग की मांगों को लेकर शासन स्तर पर एक बहुत बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव अमित घोष की अध्यक्षता में गत दिनांक 06 मई 2026 को संपन्न हुई उच्च स्तरीय बैठक का आधिकारिक शासनादेश (कार्यवृत्त) बुद्धवार को जारी कर दिया गया है।

इस ऐतिहासिक आदेश के तहत शासन ने एसोसिएशन की न्यायसंगत मांगों को बेहद गंभीरता से लेते हुए महानिदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उ.प्र.) को सभी लंबित मुद्दों और मांगों पर तत्काल एक ठोस व विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित करने का कड़ा निर्देश दिया है। महानिदेशक कार्यालय से यह प्रस्ताव शासन को प्राप्त होते ही मांगों को पूर्ण करने की अंतिम प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रांतीय नेतृत्व को पूरी उम्मीद और पूर्ण विश्वास है कि डीजी कार्यालय से सकारात्मक प्रस्ताव जाते ही संवर्ग की सभी चिरलंबित मांगें पूरी होंगी, जिसके लिए संगठन शासन स्तर पर लगातार अपनी कोशिशें और पैरवी जारी रखेगा।

इस उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण वार्ता को सफलता की दहलीज तक पहुंचाने में एसोसिएशन के यशस्वी प्रदेश अध्यक्ष जे.के. सचान का कुशल, दूरदर्शी और अद्वितीय नेतृत्व अत्यंत सराहनीय रहा। उनके अटूट संकल्प और कुशल सांगठनिक कौशल के कारण ही शासन के शीर्ष स्तर पर फार्मासिस्टों की आवाज को इतनी मजबूती और गहराई के साथ सुना गया।

इसके साथ ही, बैठक और पूरी प्रक्रिया मे  प्रदुम्न सिंह (महामंत्री) का मार्गदर्शन और योगदान अत्यंत अनुकरणीय रहा। प्रदुम्न सिंह ने अपनी वरिष्ठता, गहरे प्रशासनिक अनुभव और प्रखर तर्कों के माध्यम से संवर्ग की व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों को अपर मुख्य सचिव के समक्ष रखा, जिससे वार्ता इतने सकारात्मक और परिणामोन्मुखी मोड़ पर पहुंच सकी।

शासन स्तर पर संगठन की इस मजबूत पैरवी को गति देने, तकनीकी पहलुओं को प्रखरता से प्रस्तुत करने और बुद्धवार को यह महत्वपूर्ण आदेश जारी कराने में राजीव कुमार कनौजिया (जिला अध्यक्ष डीपीआरए लखनऊ एवं प्रांतीय प्रवक्ता डीपीआरए उत्तर प्रदेश) ने अत्यंत अनुकरणीय, सक्रिय और जुझारू भूमिका निभाई। राजीव कुमार कनौजिया ने संवर्ग के एक-एक न्यायसंगत अधिकार, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति से जुड़े तकनीकी बिंदुओं को शासन के समक्ष पूरी दृढ़ता और स्पष्टता के साथ रेखांकित किया। उनके इसी निरंतर प्रयास, कुशल समन्वय और संगठनात्मक निष्ठा के चलते बुद्धवार को यह ऐतिहासिक शासनादेश धरातल पर आ सका है।

अपर मुख्य सचिव अमित घोष की अध्यक्षता में हुई इस सफल बैठक और बुद्धवार को जारी हुए क्रांतिकारी आदेश के लिए प्रदेश अध्यक्ष जे.के. सचान, महामंत्री प्रदुम्न सिंह एवं प्रांतीय प्रवक्ताध्जिला अध्यक्ष राजीव कुमार कनौजिया सहित संपूर्ण प्रांतीय कार्यकारिणी ने शासन के उच्च प्रबंधन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। साथ ही, प्रांतीय नेतृत्व ने आश्वस्त किया है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, संगठन पूरी ताकत से अपनी पैरवी और प्रयास जारी रखेगा।

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