नोएडा मजदूर हिंसक प्रदर्शन के आरोपियों की हुई पेशी, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर आदेश देने से किया इनकार
May 19, 2026
नोएडा में हुए मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के दो आरोपियों आदित्य आनंद और रूपेश राय सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (19 मई, 2026) को पेश किए गए. कोर्ट ने ही नोएडा पुलिस को दोनों को व्यक्तिगत रूप से हाजिर करने को कहा था. आदित्य के भाई ने याचिका दाखिल कर आदित्य को गलत तरीके से गिरफ्तार करने और पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अब आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं और वहां सुरक्षित हैं. इसे देखते हुए कोर्ट ने कोई आदेश देने से मना कर दिया और कहा कि वह जमानत समेत बाकी राहत के लिए उचित कानूनी फोरम में जाएं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामला अपने पास लंबित रखा है, लेकिन साफ किया है कि निचली अदालतें इस बात से प्रभावित हुए बिना अपना काम करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध में कुछ गलत नहीं है, लेकिन अगर हिंसा हुई है तो कानून अपना काम करेगा.
सोमवार को दोनों आरोपियों को जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच के सामने पेश किया जाना था, लेकिन कल सारी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुईं इसलिए दोनों की पेशी वर्चुअली हुई थी. हालांकि, कोर्ट ने मंगलवार को आदित्य और रूपेश को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किए जाने का आदेश दिया था.
आदित्य के भाई की याचिका में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों की गिरफ्तारी में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उन्हें हिरासत में प्रताड़ित भी किया गया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील को दोनों आरोपियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश किए जाने का निर्देश दिया था.

